ब्रेकिंग
Bihar News: गर्मी, भूख और 35 KM लंबा जाम... मुंगेर के श्रीकृष्ण सेतु पर यात्रियों की बड़ी परेशानीBihar News : क्या टल जाएगा बिहार पंचायत चुनाव 2026? आरक्षण, वोटर लिस्ट और नए आयुक्त को लेकर बढ़ा सस्पेंसBihar News : बिहार में बड़ा फैसला! इन 4 शहरों में 2027 तक न जमीन बिकेगी, न होगा नया निर्माणBihar News : पटना एम्स में बढ़ेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं, 24 एकड़ अतिरिक्त जमीन मिलने से 200 नए बेड होंगे उपलब्धBihar News: बिहार के 20 जिलों में बारिश-ठनका का बड़ा अलर्ट! घर से निकलने से पहले जरूर जान लें मौसम का ताजा अपडेटBihar News: गर्मी, भूख और 35 KM लंबा जाम... मुंगेर के श्रीकृष्ण सेतु पर यात्रियों की बड़ी परेशानीBihar News : क्या टल जाएगा बिहार पंचायत चुनाव 2026? आरक्षण, वोटर लिस्ट और नए आयुक्त को लेकर बढ़ा सस्पेंसBihar News : बिहार में बड़ा फैसला! इन 4 शहरों में 2027 तक न जमीन बिकेगी, न होगा नया निर्माणBihar News : पटना एम्स में बढ़ेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं, 24 एकड़ अतिरिक्त जमीन मिलने से 200 नए बेड होंगे उपलब्धBihar News: बिहार के 20 जिलों में बारिश-ठनका का बड़ा अलर्ट! घर से निकलने से पहले जरूर जान लें मौसम का ताजा अपडेट

इस जगह बन रहा बिहार का पहला सड़क प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान, इंजीनियरों को भी मिलेगी ख़ास ट्रेनिंग

PATNA : बिहार में पहला सड़क प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। पथ निर्माण विभाग ने पटना जिले के मोकामा में 26 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली है। इस संस्थान के बन ज

इस जगह बन रहा बिहार का पहला सड़क प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान,  इंजीनियरों को भी मिलेगी ख़ास ट्रेनिंग
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

PATNA : बिहार में पहला सड़क प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। पथ निर्माण विभाग ने पटना जिले के मोकामा में 26 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली है। इस संस्थान के बन जाने से बिहार को सड़कों पर किसी तरह का शोध करने के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसके साथ ही राज्य में ही इंजीनियरों को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। 


जानकारी के मुताबिक,मोकामा में बनने वाले शोध संस्थान में न केवल सड़क से संबंधित शोध होंगे, बल्कि इंजीनियरों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण भी मिलेगा। सरकार का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर को किफायती, मजबूत एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाने में सड़क एवं पुल के क्षेत्र में अनुसंधान का महत्वपूर्ण योगदान है। इसलिए राज्य सरकार ने सड़कों और पुलों के निर्माण में नवीनतम तकनीक से संबंधित अनुसंधान के लिए बिहार राज्य सड़क अनुसंधान संस्थान स्थापित करने का निर्णय लिया है।


वहीं, संस्थान में अनुसंधान और विकास क्षेत्रों में सड़क और सड़क परिवहन के सभी पहलुओं पर अनुसंधान और विकास कार्य होंगे। इनकी गतिविधियों को पांच प्रमुख क्षेत्रों में समूहीकृत कर सकते हैं, जैसे कुटिटम अभियांत्रिकी और सामग्री, भूतकनीकी अभियांत्रिकी, सेतु और संरचनाएं, यातायात और परिवहन योजना, सड़क विकास योजना एवं प्रबंधन। संस्थान में प्रायोजित और अनुबंध अनुसंधान कार्य होगा।


जबकि, केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान परिषद को मेंटर नियुक्त करने के लिए विभाग में पहले ही सहमति बन चुकी है। संस्थान के बनने से जहां विश्व स्तर पर हो रहे तकनीकी अनुसंधान से अभियंता और संवेदक अवगत होंगे, वहीं इंजीनियरों को सड़क निर्माण के क्षेत्र में नए प्रयोग के अवसर मिलेंगे। इस संस्थान को राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण संस्थान के रूप में विकसित करने की योजना है। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने विभागीय अधिकारियों को मोकामा में चिह्नित 26 एकड़ जमीन का प्रस्ताव अविलंब भेजने को कहा है।


इधर, बिहार अभियंत्रण सेवा संघ (बेसा) के महासचिव राकेश कुमार ने कहा कि पथ निर्माण विभाग के शीर्ष नेतृत्व की पहल पर बिहार सड़क अनुसंधान केन्द्र की स्थापना सड़क एवं पुल निर्माण के क्षेत्र में सरकार द्वारा उठाया गया एक क्रांतिकारी कदम है। इस केन्द्र की स्थापना से सस्ती एवं पर्यावरण के अनुकूल सड़क एवं पुल निर्माण के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा मिलेगा।