1st Bihar Published by: 9 Updated Sep 15, 2019, 6:40:47 PM
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ROHTAS: नए ट्रैफिक नियमों के चलते आम लोग परेशान हैं. गाड़ियों के कागजात में जरा भी कमी हुई कि, पुलिसवाले आम लोगों से भारी भरकम जुर्माना वसूलते हैं. इतना ही नहीं अगर किसी ने जुर्माना नहीं भरा तो पुलिसवाले उसके साथ गाली गलौज और मारपीट तक करने को उतारू हो जाते हैं. लेकिन यह तो हुई आम लोगों की बात, उधर अगर खास लोगों की बात करें जिनमें अधिकारी शामिल हैं तो उनके लिए कोई नियम कानून नहीं है. न तो कोई उनकी गाड़ियों की जांच करने वाला है और न ही कोई जुर्माना लगाने वाला. DM के एस्कॉर्ट में फर्जी नंबर वाली गाड़ी मामला रोहतास जिले का है जहां जिलाधिकारी पंकज दीक्षित के एस्कॉर्ट में चलती है फर्जी नंबर प्लेट वाली गाड़ी. जी हां. हैरान करने वाली बात यह है कि डीएम के एस्कॉर्ट में चलने वाली गाड़ियों के बारे में जिलाधिकारी को भी नहीं पता है. जब इस बात की जानकारी प्रशासन के लोगों को हुई तो उनके होश उड़ गए. आनन फानन में गाड़ी को जब्त किया गया और गाड़ी के मालिक से पूछताछ शुरु हो गई. कोई अधिकारी बोलने को नहीं तैयार सवाल यह है कि जब आम लोगों की गाड़ियों की जांच के लिए पुलिस इतनी तत्पर है तो वही तत्परता अधिकारियों की सेवा में लगी गाड़ियों के लिए क्यों नहीं हो रही है. इस चूक में सवाल डीएम की सुरक्षा को लेकर भी है. अगर जाने अनजाने में कोई हादसा हो जाए तो उसकी जवाबदेही आखिर किसकी होगी? बताया जा रहा है कि डीएम के एस्कॉर्ट में लगी गाड़ी निजी मालिक की है. इस गाड़ी के लिए गाड़ी मालिक ने वीआईपी नंबर लेने का फॉर्म भरा था लेकिन नंबर मिलने में देरी की वजह से गाड़ी मालिक ने फर्जी नंबर ही गाड़ी पर चस्पा कर दिया. फिलहाल अपनी गलती देख कोई भी अधिकारी इस मामले में मुंह खोलने को तैयार नहीं है. रोहतास से रंजन की रिपोर्ट