1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 19 Mar 2024 09:41:39 AM IST
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DESK : नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पर रोक लगाने की मांग वाली 230 याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करने जा रहा है। इससे पहले केंद्र सरकार के तरफ से इस कानून को लागू कर दिया है। इसके बाद विपक्ष और अन्य कई संगठन सरकार पर हमलावर हैं। उनका कहना है कि यह कानून मुसलमानों के साथ पक्षपातपूर्ण है। ऐसे में अब इस पूरे मामले में सीजेआई की अध्यक्षता में जस्टिस जेबी पारदीवाला औऱ मनोज मिश्रा की बेंच के सामने इन याचिकाओं पर सुनवाई की अपील की गई थी।
दरअसल, इंडियन यूनियन मुस्लिम ली की तरफ से सीनियर ऐडवोकेट कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि एक बार जब शऱणार्थी हिंदुओं को नागरिकता मिल जाएगी तो इसे वापस नहीं लिया जा सकेगा। इसलिए मामले की अर्जेंट सुनवाई की जरूरत है। हालांकि,नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 में ही संसद में पास हो गया था औऱ कानून भी बन गया था। इस कानून के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आए वहां के अल्पसंख्यक शरणार्थियों को फास्ट ट्रैक तरीके से नागरिकता दी जाएगी। सरकार ने इसके लिए पोर्टल भी शुरू कर दिया है।
जानकारी हो कि, केंद्र सरकार की ओर से सीएए को लागू करने के एक दिन बाद ही केरल में सक्रिय राजनीतिक दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने इसे लागू करने पर रोक लगाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। ऐसा कहा जा रहा है कि, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने मांग की है कि विवादित कानून और नियमों पर रोक लगाई जाए और मुस्लिम समुदाय के उन लोगों के खिलाफ कोई कठोर कदम नहीं उठाया जाए जो इस कानून के लाभ से वंचित हैं।
आपको बताते चलें कि, सीएए के खिलाफ 230 याचिकाएं लंबित हैं, जिनमें चार अंतरिम आवेदन हैं जिनमें नियमों के कार्यान्वयन पर रोक लगाने की मांग की गई है। ऐसे में अब आज सुप्रीम कोर्ट नागरिकता संशोधन नियम से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। इन याचिकाओं में इस कानून को लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले पर तब तक रोक लगाने की मांग की गई है।