1st Bihar Published by: Ganesh Samrat Updated Sep 18, 2019, 5:53:19 PM
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PATNA : बीपीएससी घूस कांड में निगरानी के रडार पर आ चुके पूर्व एमएलसी और बिहार लोक सेवा आयोग के सदस्य राम किशोर सिंह ने खुद को बेकसूर बताया है। राम किशोर सिंह ने अपने बचाव में जबरदस्त तरीके से भूमिहार कार्ड खेलते हुए खुद को नहीं झुकने वाली जाति का नेता बताया है।
निगरानी की तरफ से अपने ऊपर केस दर्ज किए जाने के बाद राम किशोर सिंह ने कहा है उनके ऊपर केस करने से कुछ भी साबित नहीं हो जाता, उन्होंने आयोग का सदस्य रहते हुए कोई गड़बड़ी नहीं की। राम किशोर सिंह ने कहा है कि न्यायालय पर उन्हें पूरा भरोसा है और वह विजिलेंस को कुछ भी नहीं समझते। राम किशोर सिंह ने कहा है कि जिस व्यक्ति ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई वह बीपीएससी परीक्षा का अभ्यर्थी तक नहीं था ऐसे में उन पर लगे सारे आरोप निराधार हैं। खुद को बेकसूर बताते हुए राम किशोर सिंह ने कहा कि अगर उन पर लगाए गए आरोप सही साबित हुए तो वह अपनी जान दे देंगे।
बीपीएससी घूस कांड मैं अपना नाम सामने आने के बाद पहली बार मीडिया से मुखातिब हुए राम किशोर सिंह ने दर्जनों बार यह बताया कि वह भूमिहार जाति के हैं उन्होंने यहां तक कह डाला कि वह तेजस्वी यादव नहीं बल्कि भूमिहार जाति के नेता हैं राम किशोर सिंह का गुस्सा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर फूटा। पूर्व एमएलसी ने कहा कि नीतीश कुमार ने साजिश के तहत अपने समर्थन में बयान दिलवाकर उन्हें बीजेपी से निकलवा दिया था। राम किशोर सिंह ने कहा कि उनकी विचारधारा आज भी बीजेपी की विचारधारा है। आपको बता दें कि बीजेपी में रहते हुए राम किशोर सिंह ने एक गांव में नीतीश कुमार का गुणगान किया था जिसके बाद पार्टी ने उन पर कार्रवाई करते हुए चलता कर दिया था। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने नीतीश कुमार से इस मामले पर बातचीत की है राम किशोर सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार 14 साल से बिहार के मुख्यमंत्री हैं और वह किसी मंत्री विधायक को मिलने का वक्त तक नहीं देते। भूमिहार कार्ड के जरिए खुद को सेफ जोन में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं राम किशोर सिंह ने कहा कि बिहार में भूमिहार जाति के वोटर नरेंद्र मोदी को छोड़कर किसी और को अपना नेता कतई नहीं मानते।
पटना से गणेश सम्राट की रिपोर्ट