बिहार विधानसभा मानसून सत्र का अंतिम दिन, विदेश दौरे के बाद आज तेजस्वी यादव भी हो सकते हैं शामिल

बिहार विधानसभा मानसून सत्र का अंतिम दिन, विदेश दौरे के बाद आज तेजस्वी यादव भी हो सकते हैं शामिल

PATNA : बिहार विधानसभा मानसून सत्र का आज अंतिम दिन है। पिछले 4 दिन विपक्ष के हंगामा के बीच कार्यवाही हुई। इस दौरान विपक्ष ने सरकार को घेरने का भी काम किया। ऐसे में आज शुक्रवार को विधानसभा में गैर सरकारी संकल्प पर चर्चा होगी। आज भी कार्यवाही हंगामेदार होने के आसार हैं। इसके साथ ही आज के नेता विपक्ष तेजस्वी यादव के भी सदन पहुंचने की संभावना है। यह पिछले दिनों विदेश में थे लेकिन बीती रात पटना वापस आए हैं। ऐसे में आज सदन में नजर आ सकते हैं। 


 विधानसभा की कार्यवाही 11:00 से शुरू होगी. प्रश्न काल में शिक्षा, ऊर्जा विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, पर्यटन विभाग योजना व विकास विभाग, संसदीय कार्य विभाग, स्वास्थ्य विभाग और विधि विभाग से संबंधित प्रश्न लाए जाएंगे। जिसका संबंधित विभाग के मंत्री या प्रभारी मंत्री जवाब देंगे। प्रश्नकाल के बाद शून्य काल होगा। इसमें भी सदस्य तात्कालिक विषयों को सरकार के संज्ञान में लाएंगे। उसके बाद ध्यानकर्षण में सरकार के तरफ से सदस्यों के प्रश्नों का विस्तृत उत्तर दिया जाएगा। 


वहीं, शुक्रवार को एक बार फिर विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने का काम करेगी। ऐसे में सदन की कार्यवाही हंगामेदार होने के पूरे आसार हैं। यदि तेजस्वी यादव सदन की कार्यवाही में भाग लेते हैं तो विपक्षी सदस्यों का मनोबल और बढ़ा हुआ दिखेगा। तेजस्वी यादव पटना पहुंच चुके हैं। हंगामा के बीच सरकार विधानसभा और विधान परिषद में सभी जरूरी कार्य संपन्न करा रही है। आज भी सरकार की तरफ से प्रतिवेदन और अधिसूचना की प्रति सदन पटल पर संबंधित विभाग के मंत्रियों की तरफ से रखी जाएगी। सब की नजर तेजस्वी यादव पर होगी। इससे पहले सत्ता पक्ष की तरफ से लगातार यह आरोप लगाया जा रहा था कि तेजस्वी यादव बिहार से बाहर पर्यटन में हैं और सदन की कार्यवाही में भाग नहीं ले रहे हैं। 


आपको बताते चलें कि पिछले तीन दिनों से विपक्षी सदस्य प्रश्न काल के दौरान बेल में पहुंचकर लगातार हंगामा और नारेबाजी कर रहे हैं। इसके कारण सुचारू ढंग से प्रश्नकाल नहीं चल पा रहा है। विपक्षी सदस्यों ने 25 जुलाई को समानांतर सदन विधानसभा के अंदर चलाया था। साथ ही विधानसभा अध्यक्ष के चेंबर के बाहर जमकर नारेबाजी के साथ धरना भी दिया था।