1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 17, 2024, 6:27:55 PM
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MOTIHARI: पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों को छोड़कर पूरे देश में सीएए लागू हो गया है हालांकि कुछ राज्यों में इसका विरोध भी हो रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि केंद्र सरकार ने सीएए का राजनीतिक लाभ लेने के लिए इसे लोकसभा चुनाव से पहले लागू किया है। कई राज्यों ने इसे लागू नहीं करने की बात कही है वहीं अब एनडीए में शामिल नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने भी कह दिया है कि बिहार में सीएए लागू नहीं होगा।
दरअसल, दूसरी बार एमएलसी बनने के बाद जेडीयू एमएलसी खालिद अनवर पहली बार मोतिहारी पहुंचे, जहां आयोजित अभिनंदन समारोह के दौरान उन्होंने दावा किया कि बिहार में न तो सीएए लागू होगा और ना ही एनआरसी ही लागू होने वाला है। उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले ही इसको लेकर एलान कर चुके हैं बिहार की 13 करोड़ जनता बिहारी हैं और न यहां एनआरसी की जरूरत है और ना ही सीएए की जरुरत है।
जेडीयू एमएलसी ने कहा कि नीतीश कुमार जबतक बिहार के मुख्यमंत्री हैं तबतक किसी को चिंता करने की जरुरत नहीं है हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह नागरिकता देने का कानून है और इसके जरीए किसी की नागरिकता नहीं ली जा सकती है। जो राजनीतिक दल लोगों को डरा रहे हैं और भयभीत कर रहे हैं कि इससे किसी की नागरिकता खत्म हो जाएगी, वो सीएए को लेकर गलतफहमी फैला रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नीतीश कुमार के रहते बिहार में ये कानून लागू नहीं होंगे।
बता दें कि इस कानून के लागू होने के बाद अब केंद्र की सरकार तीन देशों से शर्णार्थी बनकर इंडिया आए गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता दे सकेगी। सीएए के जरीए पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी समेत अन्य गैर मुस्लिम अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता मिलेगी। विशेष रूप से यह कानून उन लोगों पर लागू होगा जो 31 दिसंबर 2014 को या उससे पहले भारत में रह रहे हैं।