ब्रेकिंग
बिहार में निगरानी का बड़ा एक्शन: बाजपट्टी के सीओ प्रभात कुमार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तारबांकीपुर उपचुनाव: JJD उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन रद्द, तेज प्रताप यादव बोले- कोर्ट जाएंगेरोजगार की तलाश में हरियाणा गया था परिवार, घर लौटते वक्त हुआ सड़क हादसा; दो मासूम भाई-बहन की मौतबाबा रामदेव के खिलाफ बिहार की कोर्ट में शिकायत, धार्मिक भावना आहत करने का आरोपमैट्रिक के बाद सीधे स्नातक..? BJP प्रत्याशी ने इंटर की डिग्री कब ली बताया ही नहीं, 10वीं पास करने के 12 सालों बाद सुदूर ग्रामीण इलाके के कॉलेज से 'ग्रेजुएशन' कियाबिहार में निगरानी का बड़ा एक्शन: बाजपट्टी के सीओ प्रभात कुमार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तारबांकीपुर उपचुनाव: JJD उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन रद्द, तेज प्रताप यादव बोले- कोर्ट जाएंगेरोजगार की तलाश में हरियाणा गया था परिवार, घर लौटते वक्त हुआ सड़क हादसा; दो मासूम भाई-बहन की मौतबाबा रामदेव के खिलाफ बिहार की कोर्ट में शिकायत, धार्मिक भावना आहत करने का आरोपमैट्रिक के बाद सीधे स्नातक..? BJP प्रत्याशी ने इंटर की डिग्री कब ली बताया ही नहीं, 10वीं पास करने के 12 सालों बाद सुदूर ग्रामीण इलाके के कॉलेज से 'ग्रेजुएशन' किया

बिहार के सरकारी अस्पतालों को तेजस्वी यादव ने दिया नया टास्क: 7 दिनों के अंदर करना होगा ये सब काम

PATNA: कुछ दिनों पहले बिहार में स्वास्थ्य सुविधा की समीक्षा के दौरान डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने सारे सरकारी अस्पतालों को 60 दिनों के अदंर सुधार देने का एलान किया था. 60 दिनों

बिहार के सरकारी अस्पतालों को तेजस्वी यादव ने दिया नया टास्क: 7 दिनों के अंदर करना होगा ये सब काम
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

PATNA: कुछ दिनों पहले बिहार में स्वास्थ्य सुविधा की समीक्षा के दौरान डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने सारे सरकारी अस्पतालों को 60 दिनों के अदंर सुधार देने का एलान किया था. 60 दिनों के अल्टीमेटम को पूरा करने के लिए तेजस्वी यादव ने सूबे के सरकारी अस्पतालों को 7-7 दिन का टास्क देना शुरू किया है. सारे सरकारी अस्पतालों को 7 दिनों के अंदर उन काम को पूरा करना होगा।


7 दिन के अंदर पूरा करें ये काम

तेजस्वी यादव के निर्देश के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग ने बिहार के सभी सदर अस्पतालों को अगले सात दिनों का टास्क सौंपा हैं. सभी जिला सदर अस्पतालों को सात दिन के अंदर वार्ड से लेकर ओपीडी को साफ-सुथरा कर लेना है. इसके साथ ही उन्हें अपने शौचालय की मरम्मति और उसकी साफ-सफाई की व्यवस्था भी कर लेनी है। अस्पतालों से कचरा को हटाने का सिस्टम भी तैयार कर लेना है।


दरअसल तेजस्वी यादव ने 7 सितंबर को बिहार के स्वास्थ्य विभाग के तमाम अधिकारियों, सिविल सर्जन औऱ मेडिकल कॉलेजों के अधीक्षकों के साथ बैठक की थी. उन्होंने 60 दिनों के अंदर सभी सदर और बडे अस्पतालों में 24 घंटे का हेल्प डेस्क बनाने, मरीजों के इलाज की सही व्यवस्था करने, एंबुलेंस औऱ शव वाहन का इंतजाम करने का निर्देश दिया था. तेजस्वी ने कहा था कि अस्पतालों में सफाई, दवाई, सुनवाई और कार्रवाई होनी चाहिये. इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। 


तेजस्वी के इस एलान के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला अस्पतालों की स्थिति का आकलन करने के लिए पटना से अधिकारियों की टीमों को जिलों में भेजा था. सारी टीमों ने पटना लौटकर अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. इस रिपोर्ट के आधार पर जिलों को अलग-अलग टास्क सौंपे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को निर्देश दिया है कि उनके पास जो भी उपकरण खराब या बेकार पड़े हैं उसे चिह्नित करते हुए अलग करें. इसके बाद जिस उपकरण की जरूरत हो उसकी सूची तैयार करें और उनके खरीद की प्रक्रिया शुरू की जाये. तेजस्वी ने जिला अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर बढ़ाने का भी निर्देश दिया था।


जिला अस्पतालों का निरीक्षण कर लौटी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कई और खामियां पायी हैं. अस्पतालों में दवा की स्थिति, बिजली की सुविधा, लैब टेस्टिंग से लेकर डॉक्टरों की संख्या पर विभाग को जानकारी मिली है. स्वास्थ्य विभाग इसका आकलन कर कमियों को दूर करने में लगा है. पहले चरण में अस्पतालों को साफ-सफाई दुरूस्त करने को कहा गया है। 7 दिनों के बाद विभाग उऩकी समीक्षा करेगा औऱ उसके बाद नया टास्क सौंपा जायेगा।