1st Bihar Published by: Ranjan Kumar Updated Apr 02, 2021, 8:47:53 PM
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ROHTAS : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट 7 निश्चय हर रोज बिहार में फैले भ्रष्टाचार की नयी कहानी सामने ला रहा है. रोहतास जिले के नोखा इलाके के रामनगर गांव में आज एक औऱ बानगी देखने को मिली. मुख्यमंत्री नल जल योजना के तहत बनी पानी टंकी में जैसे ही पहली दफे पानी भरा गया, वह ध्वस्त हो गया. टंकी के मलबे से दबकर एक व्यक्ति की मौत हो गयी. वहीं, तीन लोग घायल हो गये हैं.
रेत की दीवार की माफिक ढ़ही टंकी
ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक रामनगर गांव में मुख्यमंत्री नल जल योजना के तहत पानी की टंकी का निर्माण कराया गया है. शुक्रवार को उसका ट्रायल किया जा रहा था. दोपहर के करीब 12 बजे जैसे ही टंकी में पानी भरा गया, वैसे ही पूरी टंकी धराशायी होकर गिर पड़ी. पानी की टंकी ऐसे ध्वस्त हुई जैसे रेत की दीवार गिरती है.
टंकी से दबकर एक की मौत, तीन घायल
रामनगर गांव में जब पानी की टंकी चालू हो रही थी तो कई लोग उसे देखने के लिए खडे थे. उन्हें उम्मीद थी कि टंकी के चालू होने से गांव में पीने के पानी की किल्लत दूर हो जायेगी. लेकिन भ्रष्टाचार ने जान ले ली. ध्वस्त हुई टंकी की चपेट में आने से रामनगर के ही रहने वाले 62 साल के कड़ेलाल चौधरी की मौत घटनास्थल पर ही हो गयी. वहीं, रामनगर गांव के ही बबन चौधरी के 22 वर्षीय बेटे दीपाली कुमार, अंबिका चौधरी के 14 वर्षीय बेटे मनीष कुमार उर्फ मिस्टर और मृतक कड़ेलाल चौधरी के 18 वर्षीय बेटे नीतीश कुमार गंभीर रूप से जख्मी हो गये हैं.
नोखा थानाध्यक्ष कृपाल जी ने मीडिया को बताया कि टंकी दबने से हुई मृत व्यक्ति के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. वहीं घायलों को इलाज के लिए सासाराम सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. टंकी ढ़हने की खबर सुनकर घटनास्थल पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि मृतक के परिजनों को सरकारी नियमों के मुताबिक मुआवजा दिलाया जायेगा. तत्काल कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत 20 हजार रूपये की मदद दी गयी है.
लोजपा ने बोला हमला
उधर लोक जनशक्ति पार्टी के प्रवक्ता अशरफ अंसारी ने इस घटना के बाद राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री की सात निश्चय योजना लूट खसोट की योजना बनकर रह गयी है. अशरफ अंसारी ने कहा कि लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने पहले ही कहा था कि 7 निश्चय में बड़े पैमाने पर लूट हो रही है. लेकिन सरकार इसके बावजूद नहीं संभली. नतीजतन भ्रष्टाचार ने जान लेना शुरू कर दिया है.