1st Bihar Published by: Updated Jan 20, 2021, 3:24:23 PM
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PATNA : बिहार के 120 मुखिया और पार्षद के ऊपर काल मंडरा रहा है. ये सभी जेल जा सकते हैं क्योंकि प्रधानमंत्री आवास योजना में इन्होंने घपलेबाजी की है. सरकारी योजनाओं में धांधली का खुलासा होने के बाद इन सभी के ऊपर एफआईआर दर्ज की गई है. अब इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की आगे की प्रक्रिया जारी है.
प्रधानमंत्री आवास योजना में भी सेंधमारी का खुलासा होने के बाद आरोपी मुखिया और पार्षद में हड़कंप मच गया है. ये मामला काफी बड़ा है. दरअसल प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ खुद लेने वार्ड के पार्षद और सरकारी दफ्तर के सीनियर क्लर्क तक खुद को गरीब बन गए और आय प्रमाण पत्र बनवाकर इस योजना का लाभ उठाने लगे, जिसका खुलासा हो गया है. नवादा जिले में दो वार्ड पार्षद और जमुई जिले में एक पार्षद ऐसे पाए गए जिन्होंने आवास योजना का लाभ लेने खुद को ही गरीब बना लिया. इसके लिए उन्होंने गलत आय प्रमाण पत्र बनवा लिया. वहीं अररिया में सरकारी दफ्तर के वरीय क्लर्क ने भी इसका लाभ ले लिया है.
एक आरटीआई के जरिए इस बात का खुलासा हुआ है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, लाभुकों के चयन में जमकर धांधली हो रही है. वार्ड से लेकर मुखिया और अधिकारी तक इसमें लिप्त रहते हैं. जिसके कारण जो इसके वास्तविक हकदार होते हैं उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पाता है. RTI से मिली जानकारी में इस बात का खुलासा हुआ है कि अभी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 3 लाख 32 हजार से अधिक आवास का निर्माण अधूरा पड़ा है. जिसे सरकार ने इस साल पूरा करने का निर्देश भी जिलाधिकारियों को दिया है. दूसरी तरफ इस योजना में गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई भी की जा रही है. नए सरकार के गठन के बाद 87 मुखिया और 33 वार्ड पार्षदों पर प्राथमिकी इस मामले में दर्ज की गई है.