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बिहार : CM नीतीश और स्पीकर के बीच नोकझोंक का मामला गरमाया, राजद ने कहा- मुख्यमंत्री को संविधान की जानकारी नहीं

PATNA : बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा के बीच नोकझोंक का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। राजद ने विधानसभा में हुई इस घटना की घोर निंदा

बिहार : CM नीतीश और स्पीकर के बीच नोकझोंक का मामला गरमाया, राजद ने कहा- मुख्यमंत्री को संविधान की जानकारी नहीं
Mukesh Srivastava
3 मिनट

PATNA : बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा के बीच नोकझोंक का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। राजद ने विधानसभा में हुई इस घटना की घोर निंदा की है। राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा है कि विधानसभा अध्यक्ष के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जो बर्ताव किया उससे सदन की मर्यादा तार-तार हो गई है। जगदानंद सिंह ने कहा कि बिहार में सरकार पूरी तरह से असभ्य हो चुकी है।


जगदानंद सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री संविधान का ज्ञान नहीं है। उन्हें अगर यह पता रहता कि संविधान कार्यपालिका से ऊपर होता है तो सदन में वे इस तरह की बात नहीं बोलते। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को जिस तरह से बिहार विधानसभा में शर्मसार किया गया है, निश्चित तौर पर यह गलत है। ऐसी परंपरा लोकतंत्र के लिए खतरनाक है जिसमें विधानसभा अध्यक्ष को सदन चलाने का नियम बताया जाये। मुख्यमंत्री ने स्पीकर के खिलाफ जिन शब्दों का प्रयोग किया आजतक किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री ने ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं किया होगा।


उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा का हनन करके सदन की गरिमा को अपने अहंकार और कटुता के कारण पहले जहां सदस्य अध्यक्ष से बोलने की अनुमति लेते थे वही मुख्यमंत्री बिना अध्यक्ष की अनुमति के ही सदन में आकर हस्तक्षेप करते हुए अपने ज्ञान का बखान करने लगे।जगदानन्द सिंह ने आरोप लगाया है कि बीते 23 मार्च को भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा और सदन की मर्यादा को तार-तार करवाया था। 


उस समय विधायकों के साथ जो मारपीट की घटना हुई थी, तब मुख्यमंत्री ने सदन में कहा था की सदन स्पीकर के अनुसार चलता है, लेकिन कल उसी सदन में मुख्यमंत्री ने स्पीकर की मर्यादा को तार-तार करके लोकतंत्र को कमजोर किया।उन्होंने कहा कि भाजपा जदयू और अन्य घटक दल को अलग कर के नहीं देखा जा सकता और उन्हें दोषमुक्त नहीं किया जा सकता है। अगर सदन के नेता और मुख्यमंत्री को सदन की मर्यादा का ख्याल नहीं है तो ऐसी सरकार को गिरा देने में ही भलाई है।

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