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बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल देखिये, 3 दिन से लिफ्ट खराब, मरीजों को कंधे पर उठाकर वार्ड पहुंचाने की नौबत

बेगूसराय मॉडल सदर अस्पताल में तीन दिनों से लिफ्ट बंद होने के कारण मरीजों को स्ट्रेचर सहित सीढ़ियों से कंधे पर उठाकर वार्ड तक ले जाया जा रहा है। इमरजेंसी वार्ड की अव्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

बिहार न्यूज
परिजन और स्वास्थ्य कर्मी परेशान
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

BEGUSARAI: बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार बेहतर हेल्थ सिस्टम का दावा करते हैं, लेकिन इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। ताजा मामला बेगूसराय के मॉडल सदर अस्पताल का है, जहां तीन दिनों से लिफ्ट बंद रहने से मरीजों को स्ट्रेचर सहित कंधे पर उठाकर पहली मंजिल तक ले जाना पड़ रहा है। इमरजेंसी वार्ड में भी मूलभूत सुविधाओं की कमी सामने आई है। 


बेगूसराय जिले के मॉडल सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। करोड़ों रुपये की लागत से बने आधुनिक अस्पताल की हकीकत उस समय सामने आई, जब पिछले तीन दिनों से लिफ्ट खराब रहने के कारण गंभीर मरीजों को स्ट्रेचर समेत सीढ़ियों के रास्ते कंधे पर उठाकर ग्राउंड फ्लोर से फर्स्ट फ्लोर तक पहुंचाया जा रहा है। इस पूरी घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।


तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि मरीज के परिजन और स्वास्थ्यकर्मी मिलकर स्ट्रेचर को कंधे पर उठाकर पहली मंजिल तक ले जा रहे हैं। लिफ्ट बंद होने की वजह से हर दिन मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गंभीर मरीजों को इस तरह सीढ़ियों से ले जाना न केवल जोखिम भरा है, बल्कि अस्पताल की व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।


सिर्फ लिफ्ट ही नहीं, बल्कि अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। यहां पर्याप्त पंखों और शीतलन व्यवस्था का अभाव है। एक साधारण टेबल फैन के सहारे मरीजों का प्राथमिक उपचार किया जा रहा है। भीषण गर्मी और उमस के बीच मरीज, उनके परिजन और स्वास्थ्यकर्मी सभी परेशान हैं। इलाज के दौरान स्वास्थ्यकर्मी पसीने से तर-बतर नजर आते हैं, जबकि मरीजों को भी असहनीय गर्मी झेलनी पड़ रही है।


गौरतलब है कि हाल ही में बने मॉडल सदर अस्पताल में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। लेकिन लिफ्ट जैसी बुनियादी सुविधा का तीन दिनों तक बंद रहना और इमरजेंसी वार्ड में पर्याप्त सुविधाओं का अभाव इन दावों की पोल खोलता नजर आ रहा है।


सिविल सर्जन ने क्या कहा?

इस संबंध में सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि लिफ्ट खराब होने की सूचना मिलने के बाद उसे ठीक करा दिया गया था। लेकिन दोबारा वह कैसे खराब हो गई, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं है। उन्होंने कहा कि तकनीकी टीम से इसकी जांच कराई जा रही है और लिफ्ट को जल्द से जल्द दुरुस्त कर दिया जाएगा, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।


फिलहाल अस्पताल की बदहाल व्यवस्था का यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। मरीजों और उनके परिजनों ने मांग की है कि अस्पताल की लिफ्ट को तत्काल ठीक कराया जाए तथा इमरजेंसी वार्ड समेत अन्य विभागों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि इलाज के दौरान किसी मरीज की जान जोखिम में न पड़े।बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल देखिये, 3 दिन से लिफ्ट खराब, मरीजों को कंधे पर उठाकर वार्ड पहुंचाने की नौबतबिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल देखिये, 3 दिन से लिफ्ट खराब, मरीजों को कंधे पर उठाकर वार्ड पहुंचाने की नौबतबिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल देखिये, 3 दिन से लिफ्ट खराब, मरीजों को कंधे पर उठाकर वार्ड पहुंचाने की नौबत

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रिपोर्टर

HARERAM DAS

FirstBihar संवाददाता