अजीबो-गरीब कारनामा ! ट्रेन रोकना भूल गया ड्राइवर,हैरान हुए यात्री; अब करना पड़ा ये काम

अजीबो-गरीब कारनामा ! ट्रेन रोकना भूल गया ड्राइवर,हैरान हुए यात्री; अब करना पड़ा ये काम

SARAN : बिहार शुरू से ही अपने अजीबो - गरीब कारनामों को लेकर सुर्ख़ियों में बना रहता है। यहां कभी मोबाइल टॉवर की चोरी हो जाती है तो कभी ट्रेन का इंजन और पटरी ही गायब कर दिया जाता है। तभी तो बिहार के आम लोगों ने जुबान यह कहते हुए मिल जाता है कि - आइए न बिहार में यहां एक से बढ़कर एक कारनामा देखने की मिलेगा हर कारोबार में। इसी कड़ी में अब एक ताजा मामला सारण से जुड़ा है,जहां एक ट्रेन ड्राइवर स्टॉपेज वाले स्टेशन पर ट्रेन रोकना ही भूल गया। उसके बाद जब इसे यह बातें याद आई तो जो हुआ वह अपने - आप में आश्चर्यचकित कर देने वाला है।


मिली जानकारी के अनुसार, सारण जिले के मांझी हाल्ट पर खड़े यात्रियों के साथ एक अजीबोगरीब स्थिति हुई। जब छपरा से फर्रुखाबाद जा रही उत्सर्ग एक्सप्रेस का ड्राइवर ट्रेन रोकना ही भूल गया और यात्री राह तकते ही रह गए। करीब आधा किमी ट्रेन आगे बढ़ी तो ड्राइवर को अपनी भूल याद आयी। उसके बाद ट्रेन मांझी पुल पर बीचो-बीच खड़ी हो गयी थी। इधर स्टेशन पर खड़े यात्री अवाक थे। इंतजार में घंटो ट्रेन पकड़ने को बैठे थे पर ट्रेन तो स्टेशन पर सरपट रफ्तार पकड़े आगे बढ़ चुकी थी। उसके बाद उत्सर्ग एक्सप्रेस ऐसी जगह खड़ी थी कि कोई यात्री भी नहीं उतर सकता था।


तभी ड्राइवर ने ट्रेन को वापस लाने के लिए संपर्क साधा। इस बारे में स्टेशन मास्टर को सूचना दी गयी। रेलगाड़ी स्टेशन से आधा किमी दूर थी। रामघाट पर बैठे लोगों ने जब रेल पुल पर ट्रेन खड़ी होते देखा तो रेल दुर्घटना की आशंका के मद्देनजर दौड़ पड़े। रामघाट से लेकर मांझी हाल्ट स्टेशन पर इंतजार में बैठे लोगों में काफी बेचैनी देखी गयी। 


वहीं,  लगभग 20 मिनट रुकने के बाद चालक और गार्ड के आपस में सम्पर्क स्थापित होते ट्रेन को लगभग आधा किमी पीछे स्टेशन पर लाया गया तब जाकर वहां खड़े यात्री ट्रेन पर सवार हुए और ट्रेन सात बजकर 25 मिनट पर मांझी से फर्रुखाबाद के लिए रवाना हुई।स्टेशन पर ट्रेन के इंतजार में बैठे सुपन बिंद ने कहा कि- मोटरी-गठरी लेकर प्लेटफॉर्म पर दौड़े भी लेकिन गाड़ी नहीं रुकी। मांझी पुलिस व मांझी हाल्ट पर तैनात रेल पुलिस के जवान पुल पर गाड़ी खड़ी होने की सूचना से शाम होने की वजह से कुछ अलग ही समझ बैठे। उन्हें यह सम्भावना लगी कि कहीं चेन पुलिंग में तो गाड़ी पुल पर खड़ी नहीं हो गयी।