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असम की महिला इलाज कराने आई पटना के सरकारी हॉस्पिटल में, 7 लाख का इलाज 7 हजार में कर डॉक्टरों ने पेश की मिसाल

PATNA: बिहार के लोगों को सरकारी हॉस्पिटलों पर भरोसा कम होता है. लेकिन असम के लोगों के बीच बिहार के हॉस्पिटलों में दिल्ली एम्स से कम भरोसा नहीं है. असम की महिला पटना के सरकारी हॉस्प

FirstBihar
Manish Kumar
3 मिनट

PATNA: बिहार के लोगों को सरकारी हॉस्पिटलों पर भरोसा कम होता है. लेकिन असम के लोगों के बीच बिहार के हॉस्पिटलों में दिल्ली एम्स से कम भरोसा नहीं है. असम की महिला पटना के सरकारी हॉस्पिटल लोकनायक जयप्रकाश हॉस्पिटल राजवंशीनगर में इलाज करा रही हैं. यहां पर उस महिला की गंभीर बीमारी का इलाज हो रहा है. इस हॉस्पिटल में पहली बार स्पाइनल ट्यूमर का ऑपरेशन किया गया है. इस बीमारी से महिला पीड़ित थी. जो अब ठीक हो रही है. 

असम में 1 लाख खर्च के बाद भी नहीं हुई ठीक, यहां 7 हजार में हो गया इलाज

असम के डिब्रूगढ़ की रहने वाली महिला रीना बरूआ को स्पाइनल ट्यूमर की बीमारी थी, असम के कई बड़े हॉस्पिटलों में इलाज कराया, इलाज में एक लाख रुपए से अधिक खर्च हो गया. लेकिन फिर भी वह ठीक नहीं हो पाई. किसी ने पटना के राजवंशीनगर हॉस्पिटल के बारे में बताया वह महिला अपने दो बेटे के साथ आई. महिला की स्थिति देख पहले तो डॉक्टर ने सोच में पड़ गए कि आखिर कैसे यह होगा, लेकिन न्यूरो सर्जन श्याम किशोर ने ऑपरेशन करने का फैसला किया और अपने सहयोगियों के साथ इसका सफल ऑपरेशन किया. फर्स्ट बिहार से बातचीत में डॉ. श्याम किशोर ने बताया कि इस बीमारी की अगर महिला किसी प्राइवेट हॉस्पिटल में ऑपरेशन कराती थी तो कम से कम 5-7 लाख रुपए खर्च होता, लेकिन यहां पर मुफ्त में ऑपरेशन हुआ है. दवा में सिर्फ 7 हजार रुपए खर्च हुआ. 

चल नहीं पाती थी महिला मरीज

डॉक्टर श्याम किशोर ने बताया कि रीना बरूआ स्पाइनल ट्यूमर के कारण दोनों पैर से चल नहीं पाती थी, लेकिन अब ऑपरेशन के बाद पैरों में मूवमेंट आ गया है. वह पैर चलाने लगी है. इस महिला को उसके पैरों पर चलाकर हमलोग यहां से भेजेंगे. रीना के बेटे सुरदीप ने बताया कि मां की बीमारी को लेकर पूरा परिवार परेशान था, लेकिन यहां के डॉक्टरों ने मां को ठीक कर दिया और नया जीवन दिया है.