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ट्रैकमैन और लोको पायलट की सूझ-बूझ से टला बड़ा हादसा, टूटी हुई पटरी से गुजरने वाली थी उत्कल एक्सप्रेस

JHARKHAND: ट्रैकमैन और लोको पायलट की सूझबूझ से आज बड़ा हादसा टल गया। उत्कल एक्सप्रेस को समय रहते रोका गया नहीं तो ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो जाती। मंगलवार की सुबह सवा 8 बजे उत्कल

ट्रैकमैन और लोको पायलट की सूझ-बूझ से टला बड़ा हादसा, टूटी हुई पटरी से गुजरने वाली थी उत्कल एक्सप्रेस
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

JHARKHAND: ट्रैकमैन और लोको पायलट की सूझबूझ से आज बड़ा हादसा टल गया। उत्कल एक्सप्रेस को समय रहते रोका गया नहीं तो ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो जाती। मंगलवार की सुबह सवा 8 बजे उत्कल एक्सप्रेस राउरकेला जा रही थी। तभी चक्रधरपुर रेल मंडल के सोनुआ टुनीया रेलवे स्टेशन के बीच पटरी टूटी हुई थी। जिसकी सूचना तुरंत ट्रैकमैन ने अधिकारियों को दी। 


जिसके बाद रेल प्रशासन ने उत्कल एक्सप्रेस के लोको पायलट को पटरी टूटे होने की सूचना दी। ट्रेन काफी स्पीड में थी लोको पायलट ने सूझबूझ का परिचय देते हुए ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। अचानक एक घंटे से ट्रेन के रोके जाने से यात्री भी हैरान रह गये। बाद में पता चला कि रेलवे की पटरी टूटी हुई है इसलिए ट्रैक पर काम चल रहा है। जिसके कारण ट्रेन को रोका गया है। 


टूटे हुए ट्रैक की मरम्मत के बाद ट्रेन को राउरकेला के लिए रवाना किया गया। ट्रेन खुलने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। लोग इस बात को सोच कर हैरान थे कि समय रहते पटरी टूटे होने की सूचना मिल गयी नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। लोगों ने भगवान का शुक्रिया किया। पटरी की मरम्मत के दौरान हावड़ा-मुंबई मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन करीब एक घंटे तक ठप रहा। 


चिलचिलाती धूप में ट्रेन के रूके रहने के कारण लोग गर्मी से परेशान रहे। उत्कल एक्सप्रेस के खुलने के बाद अन्य ट्रेनों का भी परिचालन शुरू किया गया। जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। वही उत्कल एक्प्रेस हादसे का शिकार होने से बच गया। ट्रैकमैन और लोको पायलट की तत्परता से कई लोगों की जान बच गई। 

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