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झारखंड: नियोजन नीति पर निर्णय में हो रही देरी, छात्रों में बढ़ता जा रहा आक्रोश

RANCHI: नियोजन नीति को लेकर झारखंड में अड़चनें कम होती नहीं दिख रही है. बताया जा रहा है कि राज्य सरकार साल 2016 वाले नियोजन नीति के प्रस्ताव को स्वीकृति दे सकती है. बीते दिनों

झारखंड: नियोजन नीति पर निर्णय में हो रही देरी, छात्रों में बढ़ता जा रहा आक्रोश
Aprajita  Shila
Aprajita Shila
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RANCHI: नियोजन नीति को लेकर झारखंड में अड़चनें कम होती नहीं दिख रही है. बताया जा रहा है कि राज्य सरकार साल 2016 वाले नियोजन नीति के प्रस्ताव को स्वीकृति दे सकती है. बीते दिनों CM हेमंत सोरेन ने ऑडियो कॉल सर्वे कराया, जिसमें करीब लाखों स्टूडेंट्स से राय ली गयी थी कि वो कैसा नियोजन नीति चाहते हैं.


नियोजन नीति को लेकर छात्रों ने बताया कि जिस प्रकार से सरकार नियोजन नीति पर निर्णय नहीं ले पा रही है. इससे छात्रों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. क्योकि छात्रों का उम्र बिता जा रहा है सरकार हमें ठग रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर बार यही कहती है कि हम नयी नियोजन नीति लाएंगे. लेकिन बताया जाए कि नियोजन नीति को रद्द क्यों किया गया. 


वही छात्रों ने कहा कि सरकार को उनकी तरफ से यही राय है कि अगर सरकार को नियोजन नीति लाना है तो उसमें सिर्फ उन्हीं मुद्दों पर विचार किया जाए जिन मुद्दों की वजह से नियोजन नीति रद्द हुई थी. उन्हीं मुद्दों में फिर से सुधार किया जाए. साथ ही कहा कि भाषा के चयन में हिंदी को भी जोड़ा जाए क्योंकि उर्दू को भाषा में जोड़ा गया है तो फिर हिंदी को क्यों हटाया गया. उन्होंने कहा कि नियोजन नीति को जान-बूझकर रद्द किया गया है. सरकार में बैठे लोगे चाहते है कि झारखंडियों को नौकरी नहीं दी जाए. नियोजन नीति के कारण से आज झारखंड के छात्र हताश निराश और परेशान हो रहे हैं, वो अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं.

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