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राजनीति के लिए छोड़ दी 36 लाख रुपए का पैकेज, दूसरी बार BJP के टिकट पर लड़े चुनाव, किस्मत का फैसला 23 को

RANCHI: राजनीति की नशा ऐसी होती है कि लोग अच्छी नौकरी भी छोड़ देते हैं और राजनीति में कूद जाते हैं. कुछ ऐसा ही गोड्डा से बीजेपी के उम्मीदवार अमित मंडल के साथ हुआ हैं. अमित राज

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

RANCHI: राजनीति की नशा ऐसी होती है कि लोग अच्छी नौकरी भी छोड़ देते हैं और राजनीति में कूद जाते हैं. कुछ ऐसा ही गोड्डा से बीजेपी के उम्मीदवार अमित मंडल के साथ हुआ हैं. अमित राजनीति में आने से पहले इंग्लैंड में एक अच्छी कंपनी में काम करते थे. लेकिन वह राजनीति में आने के लिए 36 लाख रुपए के पैकेज की नौकरी छोड़कर राजनीति में आ गए. अमित दूसरी बार गोड्डा ने बीजेपी के टिकट पर खड़े हैं. मतदान हो चुका है. अब बस रिजल्ट का इंतजार है.

23 दिसंबर को होगा किस्मत का फैसला

अमित का भाग्य का फैसला 23 दिसंबर को होगा. इस दिन ही झारखंड विधानसभा चुनाव का मतगणना का दिन है. अमित ने जीत के लिए काफी मेहनत की. गांव-गांव का दौरा किया और लोगों से जीत का आशीर्वाद मांगा. वह सोशल मीडिया के माध्यम से भी वीडियो जारी कर लोगों से वोट देने की अपील की.

विरासत में मिली राजनीति

अमित के लिए राजनीति कोई नई बात नहीं है. यह उनको विरासत में मिली है. 2014 विधानसभा चुनाव में उनके पिता रघुनंदन मंडल बीजेपी के टिकट पर गोड्डा से विधायक बने थे. लेकिन एक साल के बाद उनका निधन हो गया. जब 2016 में उप चुनाव हुआ तो बीजेपी ने अमित को टिकट देने का फैसला किया और अमित विदेश की नौकरी छोड़ गोड्डा आ गए. उप चुनाव में शानदार जीत दर्ज की. जिसके बाद 2019 में भी अमित पर बीजेपी ने भरोसा किया और टिकट दिया. कम समय में अमित ने लोगों में अच्छी पकड़ बना ली. अमित के दादा समृत मंडल भी जेएमएम के टिकट पर 1985 और 1990 में विधायक रह चुके थे. 


 

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