ब्रेकिंग
होम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली होम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली

पूर्व मंत्री एनोस एक्का को पारा शिक्षक हत्याकांड में मिली जमानत, पासपोर्ट करना होगा जमा

RANCHI: पारा शिक्षक मनोज कुमार की हत्या केस में झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का को गुरुवार को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है. एक्का को अपना पासपोर्ट जमा करना होगा. वह कही भी झा

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

RANCHI: पारा शिक्षक मनोज कुमार की हत्या केस में झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का को गुरुवार को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है. एक्का को अपना पासपोर्ट जमा करना होगा. वह कही भी झारखंड से बाहर नहीं जा सकते हैं. उम्र कैद की सजा मिलने के बाद एनोस एक्का की विधानसभा सदस्यता भी समाप्त हो गई थी.

2014 में हुई थी पारा टीचर की हत्या

नवंबर 2014 में पारा शिक्षक मनोज कुमार का अपहरण किया गया था. अपहरण के बाद मनोज का शव मिला था. मृतक के परिजनों ने एक्का पर केस दर्ज कराया था. जिसके बाद एक्का को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. एक्का 2005,2009 और 2014 में कोलेबिरा से विधानसभा का चुनाव जीत चुके हैं.

शिक्षक के साथ नेता भी थे मनोज

जटाटांड स्कूल के पारा शिक्षक मनोज राजनीति भी करते थे. वह एनोस एक्का की  झारखंड पार्टी के सक्रिय सदस्य थे. लेकिन विधान सभा चुनाव से पहले एक्का की पार्टी को छोड़ दिया था और एक्का के विरोधी के समर्थन में उतर गए थे. इसदौरान ही अपहरण के बाद मनोज की हत्या कर दी गई थी.

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Manish Kumar

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें