ब्रेकिंग
बिहार में बढ़ रहे आपराधिक वारदातों पर भड़के चिराग पासवान, कहा..सरकार का हिस्सा होने पर शर्मिंदगी महसूस हो रही है✦ड्यूटी के दौरान बातचीत में मशगूल दिखे पुलिसकर्मी, वीडियो सामने आने के बाद SP ने दिये जांच के आदेश✦1 अक्टूबर से वजन के हिसाब से बिकेगा गिट्टी-बालू, मोटर वाहन संघ का बड़ा फैसला✦किशनगंज में युवती से बदसलूकी मामले में चौथी गिरफ्तारी, गुजरात में छिपे आरोपी को पुलिस ने दबोचा✦बाढ़ के बीच जहरीले सांप का कहर... मां के साथ सो रहे मासूम को डसा, अस्पताल पहुंचते ही मौत✦बिहार में बढ़ रहे आपराधिक वारदातों पर भड़के चिराग पासवान, कहा..सरकार का हिस्सा होने पर शर्मिंदगी महसूस हो रही है✦ड्यूटी के दौरान बातचीत में मशगूल दिखे पुलिसकर्मी, वीडियो सामने आने के बाद SP ने दिये जांच के आदेश✦1 अक्टूबर से वजन के हिसाब से बिकेगा गिट्टी-बालू, मोटर वाहन संघ का बड़ा फैसला✦किशनगंज में युवती से बदसलूकी मामले में चौथी गिरफ्तारी, गुजरात में छिपे आरोपी को पुलिस ने दबोचा✦बाढ़ के बीच जहरीले सांप का कहर... मां के साथ सो रहे मासूम को डसा, अस्पताल पहुंचते ही मौत

बाल विवाह को लेकर एक्शन में हेमंत सरकार, उठाया यह कदम

RANCHI: बाल विवाह जैसी कुरीति की रोकथाम के लिए झारखंड सरकार ने अहम कदम उठाया है. सरकार ने महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, महिला पर्यवेक्षिका, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधि

बाल विवाह को लेकर एक्शन में हेमंत सरकार, उठाया यह कदम
Aprajita  Shila
Aprajita Shila
2 मिनट

RANCHI: बाल विवाह जैसी कुरीति की रोकथाम के लिए झारखंड सरकार ने अहम कदम उठाया है. सरकार ने महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, महिला पर्यवेक्षिका, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, CO, बाल विकास परियोजना अधइकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, उपायुक्त, प्रमंडलीय आयुक्त और प्रखंड विकास पदाधिकारी को बाल विवाह निषेध पदाधिकारी के रूप में नामित किया है. बता दें पहले सिर्फ बाल विकास पदाधिकारी ही इस कार्य के लिए थे.


इस फैसले के बाद अब पूरे राज्य में बाल विवाह निषेध पदाधिकारी के रूप में समाज कल्याण विभाग के निदेशक बाल विवाह के खिलाफ कार्य करेंगे. प्रमंडलीय आयुक्त का कार्यक्षेत्र प्रमंडल, उपायुक्त का जिलों, जिला कल्याण पदाधिकारी का जिलों में, अनुमंडल पदाधिकारी का अनुमंडल में वहीं प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी का कार्यक्षेत्र प्रखंडों में होगा. पंचायत सचिव अपने पंचायतों में बाल विवाह निषेध पदाधिकारी के रूप में काम करेंगे. इनका दायरा पंचायतों तक होगा. 


मालूम हो कि बाल विवाह के मामले में झारखंड की गिनती देश के सर्वाधिक पिछड़े राज्यों में से एक है. 2011 की जनगणना के अनुसार झारखंड में पिछले कुछ सालों  में 3,38,064 बाल विवाह हुए हैं. जो पूरे देश में बाल विवाह का 3 फीसदी है. बाल विवाह के मामले में राज्य का स्थान 11वां है.

टैग्स