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ZOOM APP का इस्तेमाल करने वाले हो जाएं सावधान, पढ़ें गृह मंत्रालय की पूरी एडवाइजरी

DESK : COVID 19 से दुनिया के हर देश में आपातकाल जैसी स्थिति हो गई है. ज्यादातर देशों में लॉक डाउन लागू है. सुरक्षा की दृष्टि से सभी यात्री सुविधाओं को बंद कर दिया गया है. जो जहां है उन्हें वहीं रहन

FirstBihar
Anamika
4 मिनट

DESK : COVID 19 से दुनिया के हर देश में आपातकाल जैसी स्थिति हो गई है. ज्यादातर देशों में लॉक डाउन लागू है. सुरक्षा की दृष्टि से सभी यात्री सुविधाओं को बंद कर दिया गया है. जो जहां है उन्हें वहीं रहने को कहा गया है. सभी अपने परिवार और बच्चों के साथ घर पर हैं और लॉक डाउन का पालन कर रहे हैं. पर बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो किसी दूसरे शहर किसी काम से गए थे पर इसी बीच लॉक डाउन हो गया और वो लोग वहां फंस गए. ऐसे लोग घर परिवार से दूर अकेले हैं, ऐसी स्थिति में अपने परिवार से जुड़े रहने के लिए लोग कालिंग या विडियो कालिंग का प्रयाग कर रहे हैं. बहुत से प्राइवेट स्कूल भी विडियो कालिंग के जरिए नए क्लासेज की पढाई शुरु करवा दी है. 

लॉकडाउन के दौरान दुनियाभर में Zoom वीडियो कांफ्रेंसिंग ऐप काफी लोक प्रिय हो रहा है. इस वीडियो कांफ्रेंसिंग ऐप का भारत में भी व्यापक तौर पर इस्तेमाल किया जाने लगा है. पर इसके इस्तेमाल को लेकर गृह मंत्रालय के साइबर को-ओरडिनेशन सेंटर द्वारा एक एडवाइजरी जारी की गई है. यह एडवाइजरी इस ऐप के जरिए वीडियो कांफ्रेंसिंग करने वाले प्राइवेट सेक्टर और ऑनलाइन क्लास प्रोवाइड कराने वाले स्कूलों को जारी किया गया है. दरअसल कुछ दिनों पहले इस ऐप से जुड़ी डाटा लीक्स के मामले सामने आये थे. सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी में इस ऐप का इस्तेमाल बंद करने के लिए तो नहीं कहा गया है लेकिन यूजर्स को एहतियात बरतने के लिए कुछ निर्देश दिए गए हैं.

केंद्र सरकार के एडवाइजरी में साफ शब्दों में कहा गया है कि इस ऐप के जरिए कांफ्रेंस रूम में एक अनवांछित एंट्री हो रही है. इसको ध्यान में रखते हुए कुछ सेटिंग्स में बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं. खास तौर पर लॉक मीटिंग को एडमिनिस्ट्रेटर ओनली करने को कहा गया है. साथ ही, पासवर्ड शेयर करने से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. 

आइये जानते हैं गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए एडवाइजरी की प्रमुख बातें क्या है:-

1.    हर मीटिंग के लिए नया यूजर आईडी और पासवर्ड क्रिएट करने की सलाह दी गई है.

2.    ऐप में वेटिंग रूम क्रिएट करने को कहा गया है ताकि कोई यूजर मीटिंग में तभी एंटर कर सके जब होस्ट उसे एंट्री करने की परमिशन देगा.

3.    जब भी वीडियो कांफ्रेंस होस्ट करें, उससे पहले होस्ट फीचर को डिसेबल करने की सलाह दी गई है.

4.    अल्टर्नेटिव होस्ट स्क्रीन शेयरिंग सेटिंग्स को होस्ट ओनली में करने के लिए कहा गया है.

5.    रिमूव्ड पार्टिशिपेन्ट्स को दोबारा ज्वॉइन करने की परमिशन नहीं देने की सलाह दी गई है.

6.    फाइल ट्रांसफर को रिस्ट्रिक्ट या डिसेबल कर देने की सलाह है.

7.    जब वीडियो कांफ्रेंसिंग के लिए सभी पार्टिशिपेंट्स ज्वॉइन कर लेते हैं तो मीटिंग को लॉक करने को कहा गया है.

8.    रिकॉर्डिंग फीचर को रिस्ट्रिक्ट करने के लिए भी निर्देश दिया गया है.


आपको बता दें, कि ये ऐप पहले भी विवादों में रह चूका है. कुछ दिनों पहले ऐसी शिकायत आई थी की इस ऐप में एडल्ट एड्स आते हैं. जिसे लेकर विवाद हुआ था, क्योंकि इस ऐप का यूज़ बहुत से प्राइवेट स्कूलों के टीचर्स ऑनलाइन क्लासेज कंडक्ट करवाने में करते हैं. ऐसे में इस तरह के एड्स इस ऐप पर लगाना गलत है. साथ ही ऐसी खबरें भी आई हैं जिसके मुताबिक, Zoom अकाउंट्स की डिटेल्स 15 पैसे से भी कम कीमत में ऑनलाइन  बेची जा रही है. इस ऐप की सिक्युरिटी को लेकर कई बार सवाल उठाए जा चुके हैं. जिसे देखते हुए गृह मंत्रालय ने यह एडवाइजरी जारी किया है.