Monsoon arrival dates: देशभर में जारी भीषण गर्मी के बीच लोगों की निगाहें अब मानसून की चाल पर टिकी हैं। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने आगे बढ़ना शुरू कर दिया है और यह दक्षिण-पश्चिम एवं दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ हिस्सों, कोमोरिन क्षेत्र, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व और पूर्वी मध्य भागों तथा अंडमान सागर के अधिकांश हिस्सों तक पहुंच चुका है।
आईएमडी ने बताया कि अगले तीन से चार दिनों के दौरान मॉनसून के दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के शेष हिस्सों, कोमोरिन क्षेत्र, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के बाकी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए मौसम परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार इस बार मॉनसून केरल में सामान्य तिथि से पहले पहुंच सकता है। जहां आमतौर पर मॉनसून 1 जून के आसपास केरल में दस्तक देता है, वहीं इस बार इसके 26 मई तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। इसके बाद यह धीरे-धीरे देश के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ेगा।
आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक मॉनसून के आगे बढ़ने के साथ दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश की शुरुआत हो सकती है। कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में 5 जून तक मॉनसून पहुंचने की संभावना है। महाराष्ट्र और तेलंगाना में 10 जून तक मॉनसून के पहुंचने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार मध्य और पश्चिम भारत में भी मॉनसून का विस्तार जून के मध्य और अंत तक होगा। मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में 15 जून तक मॉनसून पहुंच सकता है, जबकि शेष क्षेत्रों में 20 जून तक बारिश होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 15 जून तक मॉनसून के पहुंचने का अनुमान है। गुजरात में 20 से 25 जून के बीच मॉनसून दस्तक दे सकता है।
उत्तर भारत में मॉनसून के पहुंचने की समय-सीमा भी अलग-अलग बताई गई है। बिहार में 15 जून तक मॉनसून के पहुंचने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में 20 से 25 जून के बीच बारिश शुरू हो सकती है। जम्मू-कश्मीर में 25 जून तक मॉनसून की झमाझम बारिश होने का अनुमान है।
दिल्ली में 25 जून तक मॉनसून दस्तक दे सकता है। पंजाब और उत्तराखंड में 30 जून तक मॉनसून पहुंचने की उम्मीद है। राजस्थान में मॉनसून 30 जून से 5 जुलाई के बीच पहुंच सकता है। मौसम विभाग के अनुसार मॉनसून की यह प्रगति आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में गर्मी से बड़ी राहत लेकर आ सकती है।




