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वृंदावन नाव हादसे में 11 श्रद्धालुओं की मौत, 4 लोग लापता, रेस्क्यू जारी

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस नाव में हादसा हुआ, उसकी क्षमता 40 यात्रियों की थी, लेकिन उसमें 37 श्रद्धालु सवार थे। किसी भी यात्री को लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी।

उत्तर प्रदेश न्यूज
परिजनों में मचा कोहराम
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

UP: उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित वृंदावन में हुए दर्दनाक नाव हादसे में अबतक 11 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 4 लोग अभी भी लापता हैं। राहत एवं बचाव कार्य दूसरे दिन शनिवार को भी जारी रहा। सेना सहित करीब 250 लोगों की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हुई है और 14 किलोमीटर के दायरे में लापता लोगों की तलाश की जा रही है।


यह हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे केसी घाट पर हुआ, जो बांके बिहारी मंदिर से लगभग 2 किलोमीटर दूर है। उस समय 37 श्रद्धालुओं से भरी नाव यमुना नदी में पलट गई। हादसे के बाद अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।


रेस्क्यू के दौरान देवरहा बाबा घाट के पास से एक शव बरामद किया गया, जिसे देखकर मृतक के बुजुर्ग पिता फफक पड़े। परिजनों ने उन्हें संभाला। अधिकारियों के अनुसार, यमुना का तेज बहाव होने के कारण शव बहकर दूर जा सकते हैं या गाद और रेत में दबे हो सकते हैं, जबकि 24 घंटे बाद शव पानी की सतह पर आ सकते हैं।


प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस नाव में हादसा हुआ, उसकी क्षमता 40 यात्रियों की थी, लेकिन उसमें 37 श्रद्धालु सवार थे। किसी भी यात्री को लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी। स्थानीय लोगों और पांटून पुल की मरम्मत कर रहे कर्मियों ने कुछ लोगों को बचाया, जिसके बाद प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया।


पुलिस ने नाविक पप्पू निषाद को हादसे के लगभग 6 घंटे बाद रात 9 बजे हिरासत में ले लिया। बताया गया है कि नाव उसी की थी और उसने श्रद्धालुओं को जुगल घाट से सवार कराया था। हादसे के बाद वह मौके से फरार हो गया था। हादसे से जुड़े दो वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें एक में श्रद्धालु नाव डूबने से पहले ‘राधे-राधे’ का जप करते नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरे वीडियो में नाव डूबने की भयावह स्थिति दिखाई देती है।


एक जीवित बचे यात्री के अनुसार, नाव तेज हवाओं के कारण डगमगाने लगी थी। हवा की रफ्तार लगभग 40 किमी प्रति घंटे थी। यात्रियों ने नाविक से नाव रोकने की गुजारिश की थी, लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया। नाव दो बार पीपा पुल से टकराने से बची, लेकिन तीसरी बार टक्कर के बाद वह पलट गई और डूब गई। गुरुवार को लुधियाना के जगराओं से करीब 130 श्रद्धालु वृंदावन यात्रा पर निकले थे। इनमें से कई लोग एक ही परिवार से थे, जिनमें मां-बेटे, चाचा-चाची और अन्य रिश्तेदार शामिल हैं।


इधर, इस हादसे के बाद वाराणसी प्रशासन भी सतर्क हो गया है। गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अस्सी घाट से नमो घाट तक निरीक्षण किया गया है, नाविकों को ओवरलोडिंग से बचने के निर्देश दिए गए हैं और चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं।

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