ब्रेकिंग
शपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलशपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनल

Up news: बारात आई, वरमाला हुआ, शादी भी हुई, क्या हुआ कि बिना दुल्हन के ही वापस लौट गए दूल्हे राजा?

Up news: यूपी से एक चौका देने वाला मामला सामने आया है, जहां बारात आई, सात फेरे भी हुए लेकिन कुल देवता को लेकर ऐसा विवाद हुआ और दुल्हन ने ससुराल जाने से इनकार कर दिया...

Up news
बिना दुल्हन के लौट गई बारात
© google
Viveka Nand
3 मिनट

Up news: यूपी के बाराबंकी से एक चौका देने वाला मामला सामने आया है। जहां धूमधाम से एक शादी संपन्न हुई। वरमाला के बाद दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे भी लिए। लेकिन विदाई से ठीक पहले वर पक्ष और वधू पक्ष में कुल देवता को लेकर बहस छिड़ गई। वधू पक्ष ने दोनों परिवार के कुल देवता के एक न होने की बात कही। मामला इस कदर बढ़ गया कि थाने तक बात पहुंची। आखिर में बारात बिना दुल्हन लिए ही वापस लौट गई।


यह मामला सफदरगंज थाना क्षेत्र के उधौली गांव का है। जहां रविवार की शाम को असन्द्रा थाना क्षेत्र के ग्राम पूरे तेलमहा पारा इब्राहिमपुर के रहने वाले बालकराम के बेटे आशीष कुमार की बारात बहुत धूमधाम से आई थी और वधू पक्ष ने बड़े ही धूमधाम से वर पक्ष का स्वागत किया। नास्ते के बाद शादी की रस्में शुरू हो गईं। वरमाला के बाद दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे भी लिए। लेकिन जब सुबह विदाई की बारी आई तो कुल देवता को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। किसी ने दोनों परिवारों के कुल देवता के एक न होने की आवाज उठाई। 


दुल्हन रंजना कुमारी उर्फ शिवरंजना ने भी ससुराल जाने से इनकार कर दिया। उसने कहा कि हमारे व दूल्हा आशीष के कुल देवता और उसके कुल देवता अलग-अलग है। इस बात पर दोनों पक्षों में खूब बहस होने लगी और दोनों पक्ष एक-दूसरे को काफी हद तक भला-बुरा बोलने लगे जिसके कारण मामला और उलझता गया. जब मामला नहीं सुलझा तो आखिर में मामला थाने पहुंचा। 


थाने  वर पक्ष ने वधू पक्ष पर जेवर हड़पने की नीयत से देवता एक न होने की बात कहने कही। वहीं वधू पक्ष का कहना है कि वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान दूल्हे ने शराब पी रखी थी। ग्रामीणों के अनुसार विवाह समारोह में सारी रस्में हो गई थीं। रात करीब साढ़े 12 बजे अचानक दूल्हे के कोट की जेब में कुलदेवता की चमड़े की तस्वीर देख दुल्हन रंजना हैरान हो गयी और देवता अलग-अलग होने की बात कहते हुए शादी से इनकार कर दिया।

संबंधित खबरें