ब्रेकिंग
सम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे निशांत कुमार, शपथ ग्रहण से पहले पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वादबिहार कैबिनेट विस्तार: सम्राट मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा राजपूत मंत्री होंगे, जानिए किस जाति के कितने मंत्रीपटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानीबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं इंजीनियर कुमार शैलेंद्र? जो सम्राट सरकार में बनने जा रहे मंत्रीशपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेरासम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे निशांत कुमार, शपथ ग्रहण से पहले पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वादबिहार कैबिनेट विस्तार: सम्राट मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा राजपूत मंत्री होंगे, जानिए किस जाति के कितने मंत्रीपटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानीबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं इंजीनियर कुमार शैलेंद्र? जो सम्राट सरकार में बनने जा रहे मंत्रीशपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेरा

सड़क परिवहन मंत्रालय के इस आदेश से बंद होगी Toll Plaza पर मनमानी, यात्रियों में ख़ुशी की लहर

Toll Plaza: सड़क परिवहन मंत्रालय का नया सर्कुलर जारी, टोल प्लाजा इतने किमी से कम दूरी पर या नगरपालिका सीमा से इतने किमी के अंदर नहीं बनेंगे। शिकायतों के बाद जारी निर्देश, जानें नियम और अपवाद..

Toll Plaza
प्रतीकात्मक
© Google
Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Toll Plaza: देश के नेशनल हाईवेज पर यात्रा करने वालों को अक्सर टोल प्लाजा की वजह से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता रहा है, खासकर जब ये प्लाजा एक-दूसरे से बहुत करीब होते हैं या शहरों के नजदीक होते हैं। इसी समस्या को दूर करने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने हाल ही में एक नया सर्कुलर जारी किया है। इस सर्कुलर में साफ निर्देश दिए गए हैं कि दो टोल प्लाजा के बीच कम से कम 60 किलोमीटर की दूरी होनी चाहिए और कोई भी टोल प्लाजा नगरपालिका सीमा से 10 किलोमीटर के अंदर नहीं बनाया जा सकता। यूजर्स की लगातार शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया है, यह नेशनल हाईवे फी रूल्स 2008 के तहत ही लागू होगा। मंत्रालय का कहना है कि इससे यात्रियों पर अनावश्यक बोझ कम होगा और टोल संग्रहण में पारदर्शिता आएगी।


इस सर्कुलर के अनुसार हाईवे विकास एजेंसियों और कॉन्सेशनेयरों को प्रोजेक्ट की तकनीकी मंजूरी देते समय टोल प्लाजा की लोकेशन पर विशेष ध्यान देना होगा। अगर किसी वजह से 60 किलोमीटर से कम दूरी पर या नगरपालिका सीमा के करीब प्लाजा बनाना जरूरी हो तो विस्तृत कारणों के साथ मंत्रालय से विशेष अनुमति लेनी पड़ेगी जो केवल उच्च स्तर पर ही दी जाएगी। सभी प्रोजेक्ट नोट्स में टोल प्लाजा की स्थिति का स्पष्ट उल्लेख अनिवार्य कर दिया गया है और इसे स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी, पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप अप्रेजल कमेटी या पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड में पेश करते समय नियमों के पालन की लिखित पुष्टि करनी होगी। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों पर कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताएं न हों।


पिछले कुछ समय में कई राज्यों में टोल प्लाजा की गलत लोकेशन को लेकर विवाद बढ़े थे, जहां 60 किलोमीटर से कम दूरी पर प्लाजा बनने से यात्रियों को दोबारा टोल देना पड़ रहा था। MoRTH ने इन शिकायतों पर तुरंत ध्यान दिया और सर्कुलर के जरिए सख्ती बरतने का फैसला किया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल यात्रियों की जेब बचाएगा बल्कि हाईवे पर ट्रैफिक फ्लो को भी सुगम बनाएगा। हालांकि, मौजूदा प्लाजा जो पहले से नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, उनके बारे में मंत्रालय ने अलग से समीक्षा का आदेश दिया है।


यह सर्कुलर यात्रा करने वालों के लिए राहत की सांस है, लेकिन इसका पूरा असर तभी दिखेगा जब सभी हाईवे एजेंसियां इसे अमल में लाएं। अगर आप भी नेशनल हाईवे पर सफर करते हैं तो अब टोल प्लाजा की मनमानी से कुछ हद तक निजात मिलेगी। अधिक जानकारी के लिए MoRTH की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखें।

संबंधित खबरें