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वकीलों के सामने उठक-बैठक लगाने वाले SDM का एक दिन में ही ट्रांसफर, वीडियो वायरल होने पर एक्शन

खुले में पेशाब करने वाले वकील के मुंशी से एसडीएम ने उठक बैठक कराया। वकीलों के विरोध के बाद आईएएस अफसर ने खुद भी उठक-बैठक लगाई, जिसका वीडियो वायरल होने के एक दिन बाद ही रिंकू सिंह का ट्रांसफर कर दिया गया।

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एसडीएम का तबादला
© SOCIAL MEDIA
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

DESK: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में पुवायां तहसीलदार के एसडीएम ने वकीलों के विरोध के बाद उठक-बैठक की। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद एसडीएम रिंकू सिंह राही पर गाज गिर गई। चार्ज लेने के एक दिन बाद ही उन्हें वहां से हटा दिया गया। सोमवार की देर शाम ही एसडीएम की कुर्सी संभाली थी और बुधवार को ट्रांसफर कर दिया गया। डीएम धर्मेन्द्र प्रताप ने एसडीएम के तबादले की पुष्टि की है।


उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले की ही जहां मंगलवार को एक अजीबोगरीब मामला मंगलवार को सामने आया था। पुवायां तहसील में पदभार ग्रहण करने वाले नए उप जिलाधिकारी (SDM) रिंकू सिंह पहले ही दिन विवादों में घिर गए, जब तहसील परिसर में स्वच्छता के मुद्दे को लेकर वकीलों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी।


स्वच्छता अभियान बना विवाद की जड़

आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह ने ज्वाइनिंग के तुरंत बाद तहसील परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने साफ-सफाई को लेकर विशेष निर्देश जारी किए। उसी क्रम में उन्होंने तहसील परिसर में एक वकील के मुंशी को खुले में पेशाब करते हुए देखा। इससे नाराज होकर SDM ने मुंशी को वहीं पर कान पकड़कर उठक-बैठक करने की सजा दी और चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसा न हो।


एसडीएम के इस कार्रवाई से वकीलों में आक्रोश

यह घटना कुछ ही समय में तहसील परिसर में चल रहे वकीलों के धरना स्थल तक पहुंच गई। खबर फैलते ही वहां मौजूद वकीलों में गहरा रोष व्याप्त हो गया। उनका मानना था कि एक अधिकारी द्वारा सार्वजनिक रूप से किसी व्यक्ति को इस तरह सजा देना अपमानजनक है। यह "प्रशासनिक तानाशाही" जैसा है और कानूनी बिरादरी के आत्मसम्मान पर चोट करता है। मुंशी भी इस बात से आहत होकर धरना स्थल पर पहुंच गया, जिससे मामला और गर्म हो गया।


एसडीएम ने खुद कान पकड़कर उठक-बैठक की

स्थिति बिगड़ती देख SDM रिंकू सिंह स्वयं वकीलों के धरना स्थल पर पहुंचे और मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने की कोशिश की। जब वकीलों ने उनसे पूछा कि क्या प्रशासनिक अधिकारी भी उतने ही जिम्मेदार नहीं होते? क्या वह भी खुद को दंडित करेंगे? तो SDM ने यह कहते हुए कि "गलती चाहे किसी की हो। सजा समान होनी चाहिए," जिसके बाद एसडीएम ने कान पकड़कर धरनास्थल पर ही उठक-बैठक करना शुरू कर दिया।यह दृश्य देखकर वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। तभी किसी ने आईएएस अफसर को उठक बैठक करते मोबाइल से वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। 


वायरल वीडियो पर एसडीएम ने दी सफाई

घटना के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए SDM रिंकू सिंह ने कहा कि “मैंने खुले में लघुशंका कर रहे कुछ लोगों को देखा, जिन्हें तुरंत टोककर उठक-बैठक करवाई। बाद में जब वकीलों ने कहा कि शौचालय की गंदगी और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी हमारी है, और पूछा कि क्या मैं खुद को दंडित करूंगा। तो मैंने उनकी बात स्वीकार करते हुए खुद उठक-बैठक की। मैं मानता हूं कि हम सब बराबर हैं, कोई भी कानून से ऊपर नहीं।” इस घटना के बाद कुछ लोगों ने SDM की विनम्रता और नेतृत्व को सराहा, तो वहीं कुछ ने इसे "प्रशासनिक गरिमा का हनन" और "वकीलों के दबाव में किया गया आत्म-अपमान" करार दिया। लेकिन इस वायरल वीडियो पर जब उच्चाधिकारियों की नजर गई तब तुरंत एक्शन लेते हुए एसडीएम रिंकू सिंह का तबादला कर दिया। 

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