ब्रेकिंग
पश्चिम बंगाल में डकैती को अंजाम देने वाला अपराधी समस्तीपुर से गिरफ्तार, लूटे गए सोने के गहने भी बरामदसहरसा में दर्दनाक हादसा: सेप्टिक टैंक में गिरे 3 मासूम, एक बच्ची की मौतपंचायत से नहीं बनी बात तो टावर पर चढ़ गई प्रेमिका, शादी की मांग पर अड़ी, पुलिस ने संभाला मोर्चाबिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, एक SP समेत 5 IPS और 8 DSP का तबादला, देखिये पूरी लिस्ट बिहार में विज्ञान-उद्योग और बॉर्डर सुरक्षा को मजबूत करने की तैयारी, IG Border सहित कई पदों को भरने की मिली मंजूरी पश्चिम बंगाल में डकैती को अंजाम देने वाला अपराधी समस्तीपुर से गिरफ्तार, लूटे गए सोने के गहने भी बरामदसहरसा में दर्दनाक हादसा: सेप्टिक टैंक में गिरे 3 मासूम, एक बच्ची की मौतपंचायत से नहीं बनी बात तो टावर पर चढ़ गई प्रेमिका, शादी की मांग पर अड़ी, पुलिस ने संभाला मोर्चाबिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, एक SP समेत 5 IPS और 8 DSP का तबादला, देखिये पूरी लिस्ट बिहार में विज्ञान-उद्योग और बॉर्डर सुरक्षा को मजबूत करने की तैयारी, IG Border सहित कई पदों को भरने की मिली मंजूरी

Mahakumbh : क्या बचपन से ही पढ़ाई में अच्छे थे IIT बाबा? जानिए 10वीं और 12वीं में उन्हें मिले थे कितने नंबर

महाकुंभ में चर्चित हुए आईआईटी बाबा का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस वीडियो में उन्होंने बताया है कि मैट्रिक और इंटर की परीक्षा में उन्हें कितने अंक मिले थे। आप भी जानिए...

mahakumbh
आईआईटी बाबा
© आईआईटी बाबा
User1
2 मिनट

IIT Baba: प्रयागराज महाकुंभ 2025 में इस बार एक अनोखा बाबा श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। ये हैं ‘आईआईटी बाबा’, जिनका असली नाम अभय सिंह है। हरियाणा के झज्जर जिले से ताल्लुक रखने वाले अभय सिंह ने देश की प्रतिष्ठित आईआईटी बंबई से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहने वाले अभय ने दसवीं में 93% और बारहवीं में 92.04% अंक हासिल किए थे।


अभय सिंह ने इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद कनाडा में एक प्रतिष्ठित कंपनी से 36 लाख रुपये का पैकेज स्वीकार किया था। लेकिन जल्द ही उन्होंने उस चमक-धमक वाली दुनिया से मोहभंग हो गया और उन्होंने धर्म और आध्यात्म की राह पकड़ ली। अब वे ‘गोरख बाबा’ के नाम से जाने जाते हैं और कुंभ मेले में सनातन धर्म की शिक्षाओं का प्रचार कर रहे हैं।


सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो में बाबा ने अपनी जीवन यात्रा के बारे में खुलासा किया है। उनका कहना है कि दुनिया की सफलता और नाम कमाने के बावजूद उन्हें आंतरिक शांति नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने घर-परिवार से दूर होकर आध्यात्मिक साधना का मार्ग चुना। उनके पिता कर्ण सिंह, जो एक वकील हैं, ने हाल ही में एक भावुक वीडियो में अपने बेटे से घर लौटने की अपील की थी। हालांकि, बाबा अभय सिंह का कहना है कि अब वे समाज की सेवा में ही संतोष पाते हैं।


महाकुंभ में आए श्रद्धालुओं के लिए 'आईआईटी बाबा' किसी प्रेरणा से कम नहीं हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि जीवन केवल भौतिक सुखों तक सीमित नहीं है, बल्कि आंतरिक संतोष की खोज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। बाबा के अनुसार, "इंजीनियरिंग ने मुझे तर्क सिखाया, लेकिन धर्म ने मुझे जीवन का अर्थ समझाया।"