ब्रेकिंग
Bihar News : बांकीपुर उपचुनाव: बूथ अध्यक्ष से विधानसभा उम्मीदवार तक पहुंचे अभिषेक बंटी, बीजेपी ने साधारण कार्यकर्ता पर जताया भरोसाBihar News : बिहार में PhD के नियम बदल गए! अब 7.5 CGPA वालों को बिना मास्टर मिलेगी सीधी एंट्रीBihar News : बिहार को मिली बड़ी सौगात! सुपौल से दरभंगा के बीच बनेगा नया नेशनल हाईवे, इन जिलों की बदल जाएगी तस्वीरBihar News: TRE 4 अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी! 25 जुलाई तक BPSC को जाएगी अधियाचना, भर्ती प्रक्रिया होगी तेजBihar weather: बिहार में मानसून बेहाल! 55% कम बारिश, इन 5 जिलों में भारी वर्षा और वज्रपात का बड़ा अलर्टBihar News : बांकीपुर उपचुनाव: बूथ अध्यक्ष से विधानसभा उम्मीदवार तक पहुंचे अभिषेक बंटी, बीजेपी ने साधारण कार्यकर्ता पर जताया भरोसाBihar News : बिहार में PhD के नियम बदल गए! अब 7.5 CGPA वालों को बिना मास्टर मिलेगी सीधी एंट्रीBihar News : बिहार को मिली बड़ी सौगात! सुपौल से दरभंगा के बीच बनेगा नया नेशनल हाईवे, इन जिलों की बदल जाएगी तस्वीरBihar News: TRE 4 अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी! 25 जुलाई तक BPSC को जाएगी अधियाचना, भर्ती प्रक्रिया होगी तेजBihar weather: बिहार में मानसून बेहाल! 55% कम बारिश, इन 5 जिलों में भारी वर्षा और वज्रपात का बड़ा अलर्ट

SC-ST को प्रमोशन में आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला- मानकों में हस्तक्षेप से इनकार

DESK : सुप्रीम कोर्ट सरकारी नौकरियों में SC और ST को पदोन्नति में आरक्षण देने के मुद्दे पर शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने प्रमोशन में आरक्षण के मानकों में हस्तक्षे

SC-ST को प्रमोशन में आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला- मानकों में हस्तक्षेप से इनकार
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

DESK : सुप्रीम कोर्ट सरकारी नौकरियों में SC और ST को पदोन्नति में आरक्षण देने के मुद्दे पर शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने प्रमोशन में आरक्षण के मानकों में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले के फैसलों में जो आरक्षण के पैमाने तय किए हैं. उनमें हम छेड़छाड़ नहीं कर सकते हैं. साथ ही कहा सरकार को समय समय पर यह रिव्यू करना चाहिए कि प्रमोशन में आरक्षण के दौरान दलितों को उचित प्रतिनिधित्व मिला है या नहीं.


बता दें कोर्ट ने इस मामले में 26 अक्टूबर 2021 को फैसला सुरक्षित रख लिया था. सरकार के वकील सुनवाई के दौरान केंद्र ने दलील देते हुए कहा था कि ये भी एक सच्चाई है कि आजादी के 75 सालों बाद भी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों को अगड़ी जातियों के समान योग्यता के स्तर पर नहीं लाया जा सका है.  


जहां केंद्र के वकील ने दलील दी थी एससी और एसटी समुदाय से आने वाले लोगों के लिए ग्रुप ए श्रेणी की नौकरियों में उच्च पद प्राप्त करना कहीं अधिक मुश्किल है और वक्त आ गया है कि रिक्तियों को भरने के लिए शीर्ष न्यायालय को एससी, एसटी और ओबीसी के वास्ते कुछ ठोस आधार दे.  

टैग्स