ब्रेकिंग
बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकारबिहार में बनेगा वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स साइंस सेंटर, खिलाड़ियों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण; सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसलाराजस्व कर्मचारियों को सरकार की लास्ट वार्निंग: 24 घंटे के भीतर योगदान नहीं दिया तो एक्शन तय, ट्रांसफर के बावजूद नहीं कर रहे ज्वाइनगृह मंत्री अमित शाह की चेयरमैनशिप वाली 'परिषद' में डिप्टी सीएम के साथ एक मंत्री को बनाया गया सदस्य, CM सम्राट ने की नियुक्ति बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकारबिहार में बनेगा वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स साइंस सेंटर, खिलाड़ियों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण; सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसलाराजस्व कर्मचारियों को सरकार की लास्ट वार्निंग: 24 घंटे के भीतर योगदान नहीं दिया तो एक्शन तय, ट्रांसफर के बावजूद नहीं कर रहे ज्वाइनगृह मंत्री अमित शाह की चेयरमैनशिप वाली 'परिषद' में डिप्टी सीएम के साथ एक मंत्री को बनाया गया सदस्य, CM सम्राट ने की नियुक्ति

कोरोना ने घटायी मोदी सरकार की लोकप्रियता, सर्वे में फेल दिख रहा पीएम मोदी का जादू

DESK : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दूसरे शासनकाल के 2 साल पूरे कर लिए हैं. लेकिन इन 2 सालों में देश ने जिस तरह कोरोना महामारी को झेला है. उसके कारण मोदी सरकार की लोकप्रि

कोरोना ने घटायी मोदी सरकार की लोकप्रियता, सर्वे में फेल दिख रहा पीएम मोदी का जादू
First Bihar
3 मिनट

DESK : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दूसरे शासनकाल के 2 साल पूरे कर लिए हैं. लेकिन इन 2 सालों में देश ने जिस तरह कोरोना महामारी को झेला है. उसके कारण मोदी सरकार की लोकप्रियता अब कम होने लगी है. देश की जानी-मानी सर्वे एजेंसी c-voter ने कोरोना काल में सरकार की कार्यशैली और लोगों की समस्याओं के बीच एक सर्वे कराया है. इस सर्वे में मोदी सरकार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी नाराजगी सामने आई है. 


नेशनल न्यूज़ चैनल के साथ मिलकर किए गए इस सर्वे में देश की जनता का मूड जाना गया है. लोगों से इस सर्वे के दौरान सवाल पूछा गया कि दूसरे कार्यकाल में मोदी सरकार से लोगों की सबसे बड़ी नाराजगी का कारण क्या है. जवाब में 44 फीसद शहरी और 40 फीसदी ग्रामीण लोगों ने कहा कि कोरोना से निपटने में मोदी सरकार फेल रही है. हालांकि अभी भी 20 फ़ीसदी ऐसे शहरी लोग हैं, जो कृषि कानून से नहीं निपटने को लेकर सरकार से नाराज हैं.


9 प्रतिशत शहरी और 9 प्रतिशत ग्रामीण लोगों ने सीएए पर दिल्ली में हुए दंगे लेकर अपनी नाराजगी जताई है. जबकि 10 फ़ीसदी ग्रामीण और सात फीसद शहरी लोगों ने भारत-चीन के बीच विवाद पर सरकार से नाराजगी जाहिर की. 


देश के 36 फ़ीसदी लोग आज कोरोना वायरस की सबसे बड़ी समस्या मानते हैं. 18 फ़ीसदी लोगों की नजर में बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है. 10 फ़ीसदी लोगों ने महंगाई और सात फीसदी लोगों ने भ्रष्टाचार को समस्या बताया है. 5 फ़ीसदी ऐसे लोग हैं, जो गरीबी और चार फिसदी लोगों ने कृषि को बड़ी परेशानी बताया है. 


कोरोना की दूसरी लहर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रचार को देश के 58 फीसद शहरी लोगों ने सही नहीं बताया है. जबकि 61 फ़ीसदी ग्रामीण भी इसे सही नहीं मान रहे. 34 प्रतिशत शहरी लोगों की नजर में पीएम मोदी का प्रचार गलत नहीं है. जबकि 29 फ़ीसदी ऐसे ग्रामीण लोग हैं, जो प्रचार को सही मानते हैं.


आपदा के इस दौर में सरकार के खिलाफ नाराजगी और कोरोना काल में सिस्टम से हुई नाउम्मीदी के बावजूद पीएम मोदी राहुल गांधी की तुलना में अभी भी ज्यादा लोकप्रिय हैं. कोरोना वायरस के बीच देश संभालने के सवाल पर 66 फीसदी शहरी जनता और 62 फ़ीसदी ग्रामीण आबादी में पीएम मोदी का नाम लिया. जबकि राहुल गांधी के नाम पर केवल 20 प्रतिशत शहरी और 23 फीसदी ग्रामीण ही सहमत दिखे. 

टैग्स