ब्रेकिंग
खान सर की अग्रिम जमानत पर सुनवाई पूरी, कोर्ट इस दिन सुनाएगा फैसला; मिलेगी राहत या जाएंगे जेल?Bihar News : बांकीपुर उपचुनाव: बूथ अध्यक्ष से विधानसभा उम्मीदवार तक पहुंचे अभिषेक बंटी, बीजेपी ने साधारण कार्यकर्ता पर जताया भरोसाBihar News : बिहार में PhD के नियम बदल गए! अब 7.5 CGPA वालों को बिना मास्टर मिलेगी सीधी एंट्रीBihar News : बिहार को मिली बड़ी सौगात! सुपौल से दरभंगा के बीच बनेगा नया नेशनल हाईवे, इन जिलों की बदल जाएगी तस्वीरBihar News: TRE 4 अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी! 25 जुलाई तक BPSC को जाएगी अधियाचना, भर्ती प्रक्रिया होगी तेजखान सर की अग्रिम जमानत पर सुनवाई पूरी, कोर्ट इस दिन सुनाएगा फैसला; मिलेगी राहत या जाएंगे जेल?Bihar News : बांकीपुर उपचुनाव: बूथ अध्यक्ष से विधानसभा उम्मीदवार तक पहुंचे अभिषेक बंटी, बीजेपी ने साधारण कार्यकर्ता पर जताया भरोसाBihar News : बिहार में PhD के नियम बदल गए! अब 7.5 CGPA वालों को बिना मास्टर मिलेगी सीधी एंट्रीBihar News : बिहार को मिली बड़ी सौगात! सुपौल से दरभंगा के बीच बनेगा नया नेशनल हाईवे, इन जिलों की बदल जाएगी तस्वीरBihar News: TRE 4 अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी! 25 जुलाई तक BPSC को जाएगी अधियाचना, भर्ती प्रक्रिया होगी तेज

मिल गई कोरोना की संजीवनी, IIT मंडी और ICGEB के रिसर्च टीम ने बुरांश के पौधे में ढूंढा कोरोना का इलाज

DESK: हिमालय की पहाड़ियों में मिलने वाला बुरांश का पौधा अब कोरोना के इलाज में कारगर साबित होगा। कोरोना मरीजों के लिए यह किसी संजीवनी से कम नहीं साबित होगा। IIT मंडी और ICGEB के रिस

मिल गई कोरोना की संजीवनी, IIT मंडी और ICGEB के रिसर्च टीम ने बुरांश के पौधे में ढूंढा कोरोना का इलाज
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

DESK: हिमालय की पहाड़ियों में मिलने वाला बुरांश का पौधा अब कोरोना के इलाज में कारगर साबित होगा। कोरोना मरीजों के लिए यह किसी संजीवनी से कम नहीं साबित होगा। IIT मंडी और ICGEB के रिसर्च टीम ने हिमालय की पहाड़ियों में मिलने वाले इस पौधे में कोरोना का इलाज ढूंढ निकाला है।


वैज्ञानिकों की माने तो बुरांश का पौधा कोरोना से लड़ने में मदद कर सकता है। इसके फूलों की पंखुड़ियों में मौजूद फाइटोकैमिकल नामक पदार्थ कोरोना को मल्टीप्लाई होने से रोकता है। इस केमिकल में कुछ ऐसे एंटी वायरल गुण होते हैं जिसके चलते कोरोना वायरस इनके सामने टिक नहीं पाता। 


बुरांश का पौधा ज्यादातर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और कश्मीर में पाया जाता है। इसकी पंखुड़ियों के रस को लोग स्वस्थ रहने के लिए पहले से ही इस्तेमाल करते आ रहे हैं। यह पौधा शरीब में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकता है। 


वैज्ञानिकों के अनुसार बुरांश के फाइटोकैमिकल शरीर में दो तरह से काम करते हैं। सबसे पहले ये कोरोना में मिलने वाले एक ऐसे एंजाइम से जुड़ जाते हैं जो वायरस को अपना डुप्लीकेट बनाने में मदद करता है। इसके अलावा यह शरीर में मिलने वाले ACE-2 एंजाइम से भी जुड़ जाता हैं। ACE-2 एंजाइम के जरिए ही वायरस हमारी बॉडी में प्रवेश करता है। 


फाइटोकैमिकल की इस जुड़ने की प्रक्रिया के कारण कोरोना वायरस हमारी बॉडी के सेल्स को इन्फेक्ट नहीं कर पाता और संक्रमण का खतरा टल जाता है। मंडी IIT के प्रोफेसर डॉ. श्याम कुमार मसकपल्ली का कहना है कि उन्हें पूरा विश्वास है कि बुरांश पौधे से कोरोना का इलाज संभव हो पाएगा। उनकी टीम हिमालय में मिलने वाले और भी औषधीय पौधों में कोरोना का इलाज ढूंढ रही है।







टैग्स