ब्रेकिंग
कमरे में फंदे से लटका मिला महिला का शव, मायके वालों ने 10 लाख रुपये और बुलेट की मांग को लेकर हत्या का लगाया आरोपसुबह-सुबह चाचा लगा रहे थे झाड़ू, तभी भतीजे ने चला दी गोली; हालत गंभीरचीनी महंगी होने का एथेनॉल से नहीं है कनेक्शन! केंद्र ने बताया क्यों बढ़े दाम, त्योहार से पहले जानें पूरी वजह7 मौतों के बाद अशोकधाम में बड़ा बदलाव! चौथी सोमवारी पर अरघा से जलाभिषेक, जिगजैग रूट से होगी एंट्रीBihar News : 20 रुपये में बिकता था अश्लील वीडियो! टेलीग्राम से चलता था पूरा खेल, 1200 से ज्यादा वीडियो की खरीद-बिक्री का खुलासाकमरे में फंदे से लटका मिला महिला का शव, मायके वालों ने 10 लाख रुपये और बुलेट की मांग को लेकर हत्या का लगाया आरोपसुबह-सुबह चाचा लगा रहे थे झाड़ू, तभी भतीजे ने चला दी गोली; हालत गंभीरचीनी महंगी होने का एथेनॉल से नहीं है कनेक्शन! केंद्र ने बताया क्यों बढ़े दाम, त्योहार से पहले जानें पूरी वजह7 मौतों के बाद अशोकधाम में बड़ा बदलाव! चौथी सोमवारी पर अरघा से जलाभिषेक, जिगजैग रूट से होगी एंट्रीBihar News : 20 रुपये में बिकता था अश्लील वीडियो! टेलीग्राम से चलता था पूरा खेल, 1200 से ज्यादा वीडियो की खरीद-बिक्री का खुलासा

दो बिहारी दिल्ली से रिक्शा चलाकर आ रहे खगड़िया, 5 दिन में तय किया 900 KM का सफर

DESK: लॉकडाउन में जब रोजी और रोटी पर संकट आया तो दिल्ली में रिक्शा चलाकर जीवन यापन करने वाले लालू और धनंजय ने दिल्ली छोड़ने का फैसला कर लिया. लेकिन घर आने के लिए कोई गाड़ी नही

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

DESK: लॉकडाउन में जब रोजी और रोटी पर संकट आया तो दिल्ली में रिक्शा चलाकर जीवन यापन करने वाले लालू और धनंजय ने दिल्ली छोड़ने का फैसला कर लिया. लेकिन घर आने के लिए कोई गाड़ी नहीं चल रहा था. फिर दोनों रिक्शा से खगड़िया के लिए निकल गए हैं. दोनों रिश्ते में चाचा और भतीजे हैं. दोनों ही  दिल्ली में रिक्शा चलाते थे. 

5 दिन में चले 900 किमी

लालू और धनंजय 5 दिनों तक रिक्शा चलाकर 900 किमी की दूरी तय कर मंगलवार को यूपी के चंदौली पहुंचे. जब लालू थकते हैं तो धनंजय रिक्शा चलाते हैं. इस तरह से दोनों दिल्ली से खगड़िया अपने गांव आ रहे हैं. फिर भी उनको लोगों को अभी 350 किमी और चलना है. दोनों कहते हैं कि जब 900 किमी तक सफर तय कर लिए तो आगे भी चलते जाएंगे.

 कई सालों से रह थे दिल्ली

दोनों कमाने को लेकर कई सालों से दिल्ली में रह रहे थे.जिसके बाद दोनों रिक्शा चलाने लगे. यही रिक्शा होने का दिल्ली में कमाने का जरिया था. लेकिन लॉकडाउन ने दिल्ली को लॉक कर दिया. जिसके बाद इनकी कमाई बंद हो गई. तब मजबूरन दिल्ली छोड़ने को मजबूर हो गए. बता दें कि इससे पहले मोतिहारी के शख्स भी दिल्ली से रिक्शा चलाते हुए मोतिहारी पहुंचा था. उसकी भी दिल्ली छोड़ने की यही कहानी थी. लॉकडाउन के बाद से हजारों बिहार के रहने वाले लोग पैदल ही आ रहे हैं. दिल्ली के अलावे पश्चिम बंगाल और झारखंड से भी हजारों मजदूर पैदल ही अपने गांव पहुंच चुके हैं. 

टैग्स