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Leopard Sightings: तेंदुए के खौफ से डर के साए में जीने को मजबूर इस शहर के लोग, स्कूलों में 10 दिन की छुट्टी घोषित

Leopard Sightings: इस शहर में तेंदुए की मौजूदगी से स्कूलों में 10 दिन की छुट्टी, ऑनलाइन क्लासेस शुरू। टैगोर स्कूल और केंद्रीय विद्यालय बंद, वन विभाग की पकड़ से दूर तेंदुआ..

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 05, 2025, 9:04:21 AM

Leopard Sightings

प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google

Leopard Sightings: मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में तेंदुए की सक्रियता ने स्कूलों में लॉकडाउन जैसा माहौल पैदा कर दिया है। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से सटे इटारसी के पथरौटा पावर ग्रिड परिसर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले आठ दिनों से एक मादा तेंदुआ और उसके शावकों की मौजूदगी देखी जा रही है। इसने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि स्कूल जाने वाले बच्चों में भी दहशत फैला दी है।


स्थिति को देखते हुए प्रशासन और स्कूल प्रबंधन ने बड़ा फैसला लिया है। टैगोर विद्या मंदिर स्कूल ने 4 से 13 सितंबर तक 10 दिन की छुट्टी घोषित की है और पढ़ाई को अस्थायी रूप से ऑनलाइन मोड में शिफ्ट कर दिया गया है। ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कैंपस के केंद्रीय विद्यालय में भी तेंदुए की हलचल के बाद पहले तीन दिन की छुट्टी दी गई थी, लेकिन वन विभाग की नाकामी के कारण इसे 10 दिन तक बढ़ाना पड़ा।


स्थानीय लोगों के अनुसार, मादा तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ आबादी वाले क्षेत्रों में आ रही है। हाल ही में एक शावक की करंट लगने से मौत हो गई थी, जिसके बाद तेंदुआ और आक्रामक हो गया है। यह ग्रामीणों के पालतू पक्षियों को शिकार बना रहा है, जिससे डर का माहौल है। वन विभाग ने तवा बफर रेंज के धांसई इलाके में दो अतिरिक्त पिंजरे लगाए हैं, लेकिन तेंदुआ अब तक पकड़ से बाहर है। पहले भी इस क्षेत्र में खखरापुरा गांव के पास एक तेंदुआ पकड़ा गया था जो कई गांवों में दहशत फैला रहा था।


ऐसे में स्कूल प्रबंधन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। टैगोर स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा कि बच्चों के जीवन से कोई समझौता नहीं होगा। केंद्रीय विद्यालय ने भी यही रुख अपनाया है। पढ़ाई को जारी रखने के लिए ऑनलाइन क्लासेस शुरू की गई हैं और शिक्षक वर्चुअल मोड से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। अभिभावकों से बच्चों को घर पर रखने और पढ़ाई में सहयोग करने की अपील की गई है।


यह स्थिति नर्मदापुरम के लिए नई नहीं है, क्योंकि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की निकटता के कारण वन्यजीवों की आवाजाही आम है। फिर भी, तेंदुए की लगातार मौजूदगी ने स्थानीय समुदाय को सतर्क कर दिया है। वन विभाग का कहना है कि वे ड्रोन और ट्रैप कैमरे इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन घनी वनस्पति और तेंदुए की चालाकी चुनौती बनी हुई है।


यह लॉकडाउन और ऑनलाइन पढ़ाई का फैसला बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी है, लेकिन अभिभावकों को अचानक व्यवस्था बदलने से असुविधा भी हो रही है। वन विभाग से उम्मीद है कि जल्द ही तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा ताकि स्कूल सामान्य रूप से खुल सकें। तब तक, नर्मदापुरम के लोग सावधानी बरतने और बच्चों को घर पर रखने को मजबूर हैं।