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Kabul Bombing: भारत में बैठकर अफगानी मंत्री ने पाकिस्तान को चेताया, कहा "हम कौन हैं यह अमेरिका या नाटो से पूछ लो"

Kabul Bombing: तालिबान मंत्री मुत्तकी ने भारत से पाक को दी चेतावनी, कहा "अफगान हिम्मत न परखो, US-NATO से सीख लो। जयशंकर से मुलाकात के बाद राजनयिक भेजने का ऐलान..

Kabul Bombing
प्रतीकात्मक
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Kabul Bombing: भारत दौरे पर पहुंचे अफगानिस्तान के तालिबान सरकार के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी ने पाकिस्तान को साफ चेतावनी दी है। नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल किसी के खिलाफ नहीं होगा और पाकिस्तान को यहां की संप्रभुता में दखलंदाजी बंद करनी चाहिए।


मुत्तकी ने कड़ा लहजा अपनाते हुए कहा, "अफगान हिम्मत की परीक्षा न लो। अगर कोई ऐसा करना चाहता है तो पहले जाकर ब्रिटिश, सोवियत, अमेरिका या नाटो से पूछ लो, अफगानिस्तान के साथ खेलना ठीक नहीं।" ये बयान काबुल में हाल ही में हुए विस्फोटों के बाद आया, जिनके लिए तालिबान ने पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया था।


मुत्तकी की ये भारत यात्रा तालिबान सत्ता में आने के बाद पहली बार हो रही है और भारत ने अभी तक उनकी सरकार को मान्यता नहीं दी। लेकिन बृहस्पतिवार को नई दिल्ली पहुंचते ही उन्होंने अफगान दूतावास से मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने भारत को आश्वासन दिया कि काबुल किसी भी देश के खिलाफ साजिश में हिस्सा नहीं लेगा। विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात के बाद मुत्तकी ने कहा कि जल्द ही काबुल राजनयिकों को दिल्ली भेजेगा। जयशंकर ने काबुल में भारत के तकनीकी मिशन को पूर्ण दूतावास का दर्जा देने की घोषणा भी की है।


काबुल के अब्दुल हक स्क्वायर में गुरुवार रात हुए विस्फोट और पूर्वी प्रांत पक्तिका में बाजार पर बमबारी को तालिबान ने पाकिस्तानी हवाई अतिक्रमण बताया। तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इसे दुर्घटना कहा था, लेकिन रक्षा मंत्रालय ने पाक को दोषी ठहराया। मुत्तकी ने कहा, "सीमा पर हमले गलत हैं। 40 साल बाद शांति आई है, इसे बर्बाद न करो।" पाकिस्तान ने TTP जैसे गुटों के ठिकानों पर हमले का दावा भी किया और अफगानिस्तान ने इसे जघन्य बताया है। ये तनाव दुर्हंड लाइन पर बढ़ रहा है, जहां दोनों देशों के बीच पहले से पुरानी दुश्मनी है।


भारत के लिए ये यात्रा रणनीतिक है। पाकिस्तान से तनाव के बीच अफगानिस्तान के साथ संबंध सुधारना महत्वपूर्ण है। मुत्तकी ने चाबहार पोर्ट से व्यापार बढ़ाने और मानवीय सहायता पर जोर दिया। रूस, ईरान, चीन जैसे पड़ोसियों के साथ हालिया बैठक के बाद ये कदम पाक को सख्त संदेश देता है। उम्मीद है कि ये वार्ताएं क्षेत्रीय शांति लाएंगी, हालांकि पाक-अफगान तनाव से दक्षिण एशिया में अस्थिरता बढ़ सकती है।

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