1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 11, 2025, 9:32:18 AM
प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google
Jobs: भारत बड़ी ही तेजी से वैश्विक टेक हब के रूप में उभर रहा है। ऐसे में अब एआई और क्लाउड टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए दुनिया की तीन दिग्गज कंपनियां अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल ने देश में कुल 67.5 अरब डॉलर (करीब 5.6 लाख करोड़ रुपये) का मेगा निवेश करने का ऐलान किया है। यह निवेश डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई हब, क्लाउड सर्विसेज और स्किलिंग प्रोग्राम्स पर केंद्रित होगा। इससे आने वाले वर्षों में लाखों प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी और भारत की डिजिटल इकोनॉमी को नई गति मिलेगी।
बताते चलें कि अमेजन ने सबसे बड़ा निवेश घोषित किया है। छह कंपनी वर्ष 2030 तक भारत में 35 अरब डॉलर से अधिक लगाएगी। इसका फोकस एआई से संचालित डिजिटलाइजेशन, निर्यात वृद्धि और रोजगार सृजन पर होगा। अमेजन के अनुसार, यह निवेश लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत करेगा, छोटे व्यवसायों को सपोर्ट देगा और डेटा सेंटरों का विस्तार करेगा। इससे पिछले 10 वर्षों में उत्पन्न 20 अरब डॉलर के निर्यात को 80 अरब डॉलर तक ले जाया जाएगा।
साथ ही माइक्रोसॉफ्ट का निवेश भी महत्वाकांक्षी है। कंपनी 2026 से 2029 तक 17.5 अरब डॉलर देश ने लगाएगी। सीईओ सत्य नडेला ने कहा है कि यह भारत के एआई-फर्स्ट फ्यूचर के लिए सबसे बड़ा एशियाई निवेश होगा। इसमें क्लाउड और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने, स्किलिंग प्रोग्राम्स विस्तार और डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने पर जोर होगा। नडेला के अनुमान से 2030 तक भारत में 57.5 मिलियन डेवलपर्स होंगे जो इसे दुनिया की सबसे बड़ी डेवलपर कम्युनिटी बना देगा।
इधर गूगल ने भी 15 अरब डॉलर का निवेश करने का वादा किया है। यह कंपनी विशाखापत्तनम में विश्वस्तरीय एआई हब बनाएगी। यह निवेश लोकल एआई मॉडल, स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल शिक्षा पर केंद्रित होगा। गूगल के अनुसार, इससे 1,88,000 नौकरियां पैदा होंगी। इन निवेशों से भारत का डिजिटल परिदृश्य ही बदल जाएगा।
दूसरी ओर, अडानी ग्रुप ने अगले छह वर्षों में 12 लाख करोड़ रुपये निवेश करने का प्लान रखा है। चेयरमैन गौतम अडानी ने सत्य नडेला से मुलाकात में एआई के भविष्य और तकनीकी क्षमताओं पर चर्चा की। निवेश इंफ्रास्ट्रक्चर, नवीकरणीय ऊर्जा, खनन और पोर्ट्स पर होगा। अडानी ने कहा कि यह भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा। गुजरात के खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क भी इसी का हिस्सा है।