छात्रा को गोद में उठाकर अश्लील डांस करने वाला हेडमास्टर सस्पेंड, दो और शिक्षकों पर गिरी गाज

गढ़वा जिले के मेराल प्रखंड के एक सरकारी स्कूल में फेयरवेल पार्टी के दौरान हेडमास्टर द्वारा छात्रा को गोद में उठाकर अश्लील डांस करने का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई की। हेडमास्टर को निलंबित कर दिया गया है.

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 05, 2026, 8:47:18 PM

झारखंड न्यूज

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल - फ़ोटो सोशल मीडिया

JHARKHAND: झारखंड के गढ़वा जिले में एक सरकारी स्कूल में हुई शर्मनाक घटना के बाद शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। मेराल प्रखंड के सोहबरिया गांव स्थित एक सरकारी विद्यालय में कक्षा 8 के छात्रों की फेयरवेल पार्टी के दौरान स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक का छात्रा के साथ डांस करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।


वायरल वीडियो में देखा गया कि स्कूल परिसर में डीजे की धुन पर प्रभारी प्रधानाध्यापक कुंदन कुमार रंजन अश्लील गानों पर डांस करते हुए एक नाबालिग छात्रा को गोद में उठाए हुए नजर आ रहे हैं। इस दौरान वहां मौजूद कुछ शिक्षक इस पूरी घटना का वीडियो बनाते हुए भी दिखाई दे रहे थे।


जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, स्थानीय लोगों और अभिभावकों में भारी आक्रोश फैल गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा विभाग ने तुरंत जांच के आदेश दिए। जांच में वायरल वीडियो के तथ्यों की पुष्टि होने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक कुंदन कुमार रंजन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय गढ़वा के क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में निर्धारित किया गया है, जहां उन्हें प्रतिदिन बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करनी होगी।


इसके अलावा इस घटना में शामिल दो सहायक शिक्षकों पुरुषोत्तम पंडित और सुबेश्वर राम के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की गई है। शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों के खिलाफ झारखंड सहायक अध्यापक सेवा शर्त नियमावली 2021 के तहत सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसी भी शिक्षण संस्थान में इस तरह का अशोभनीय व्यवहार बेहद गंभीर है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। 


विभाग अब यह भी जांच कर रहा है कि इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए कोई आधिकारिक अनुमति ली गई थी या नहीं और इसमें बाहरी लोगों की क्या भूमिका थी। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी और जांच पूरी होने के बाद अन्य दोषियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।