ब्रेकिंग
पुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबपुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायब

जातीय गणना के आंकड़ों का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, इस दिन होगी SC में होगी सुनवाई

DELHI: इस वक्त की बड़ी खबर जातीय गणना के आंकड़ों से जुड़ी हुई सामने आ रही है। जातीय गणना के आंकड़ों का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मामले पर 6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट मा

जातीय गणना के आंकड़ों का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, इस दिन होगी SC में होगी सुनवाई
Mukesh Srivastava
2 मिनट

DELHI: इस वक्त की बड़ी खबर जातीय गणना के आंकड़ों से जुड़ी हुई सामने आ रही है। जातीय गणना के आंकड़ों का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मामले पर 6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट मामले पर सुनवाई करेगा। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की है।


दरअसल, बिहार में सभी दलों की सहमति से जातीय गणना कराने पर सहमति बनी थी। सभी दलों की सहमति के बाद विधानमंडल के दोनों सदनों से प्रस्ताव पारित हुआ। केंद्र सरकार के इनकार करने के बाद बिहार सरकार ने अपने बूते पर जातीय गणना का काम शुरू किया लेकिन जाति आधारित गणना को लेकर बिहार में खूब बवाल मचा था और मामला हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद दो चरणों में जातीय गणना का काम पूरा हुआ।


जातीय गणना का काम पूरा होने के बाद विपक्षी दल लगातार सरकार से जातीय गणना की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग कर रहे थे। इसको लेकर सियासत भी खूब हो रही थी लेकिन आखिरकार नीतीश सरकार ने 2 अक्टूबर गांधी जयंती के मौके पर जातीय गणना के आंकड़ों को सार्वजनिक कर दिया। अब जातीय गणना के आंकड़ों को लेकर विवाद शुरू हो गया है।


बिहार सरकार के डाटा रिलीज किए जाने के मामले को याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के सामने उठाया है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप करने की मांग की, जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हम इस मामले पर अभी हम कुछ नहीं कह सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 6 अक्टूबर को सुनवाई की तिथि निर्धारित की है। ऐसे में अब सवाल उठने लगा है कि क्या एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में सरकार की फजीहत होने वाली है।



इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें