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Political Party Donations: राजनीतिक दलों को दिए गए चंदे पर आयकर विभाग सख्त, फर्जी कटौती और रिफंड पर शिकंजा

Political Party Donations: आयकर विभाग ने राजनीतिक दलों को दिए जाने वाले चंदे के नाम पर की जा रही फर्जी टैक्स कटौती और गलत रिफंड दावों को लेकर अब तक की सबसे सख्त जांच शुरू कर दी है।

Political Party Donations
राजनीतिक दलों को दिए जाने वाले चंदे
© GOOGLE
PRIYA DWIVEDI
3 मिनट

Political Party Donations: आयकर विभाग ने राजनीतिक दलों को दिए जाने वाले चंदे के नाम पर की जा रही फर्जी टैक्स कटौती और गलत रिफंड दावों को लेकर अब तक की सबसे सख्त जांच शुरू कर दी है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने एडवांस डेटा एनालिटिक्स और पैटर्न बेस्ड एनालिटिक्स के जरिए ऐसे टैक्सपेयर्स की पहचान की है, जिन्होंने  रिकॉग्नाइज पॉलीटिकल पार्टीज या फर्जी संस्थाओं के नाम पर गलत तरीके से टैक्स डिडक्शन और फेक रिफंड क्लेम किया है। 


जांच में यह सामने आया है कि देशभर में बिचौलियों और एजेंटों का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था, जो कमीशन के बदले टैक्स रिटर्न फाइल करता था। ये एजेंट टैक्सपेयर्स की जानकारी के बिना या सीमित जानकारी देकर चंदे की राशि को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते थे, ताकि अधिक टैक्स छूट और रिफंड हासिल किया जा सके। कई मामलों में टैक्सपेयर्स को यह तक नहीं पता था कि उनके नाम पर गलत क्लेम किया गया है।


SMS और ईमेल के जरिए अलर्ट

आयकर विभाग अब ऐसे टैक्सपेयर्स को SMS और ईमेल अलर्ट भेज रहा है, जिनके रिटर्न में गड़बड़ी पाई गई है। इसके साथ ही विभाग ने एक विशेष Nudge Campaign भी शुरू की है, ताकि लोग स्वेच्छा से आगे आकर समय रहते Revised Return दाखिल कर सकें।


पेनल्टी और कार्रवाई से बचने का मौका

आयकर विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि टैक्सपेयर्स तय समय सीमा के भीतर अपना रिटर्न संशोधित कर लेते हैं, तो वे जुर्माना, ब्याज और अभियोजन जैसी कड़ी कार्रवाई से बच सकते हैं। विभाग का उद्देश्य फिलहाल दंडात्मक कार्रवाई से अधिक स्वैच्छिक अनुपालन (Voluntary Compliance) को बढ़ावा देना है। आयकर विभाग ने बताया कि इस मामले में 12 दिसंबर 2025 से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। यदि कोई टैक्सपेयर नोटिस के बावजूद सुधार नहीं करता है, तो उसके खिलाफ आयकर कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है।


विभाग ने करदाताओं को सलाह दी है कि वे अपने इनकम टैक्स रिटर्न, डोनेशन डिटेल और टैक्स डिडक्शन क्लेम की सावधानीपूर्वक जांच करें और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर तुरंत संशोधन कराएं, ताकि भविष्य में कानूनी परेशानी से बचा जा सके।