Hindi News / india / Imran Khan Mocks Asim Munir: "जंगल का क़ानून चल रहा, सीधा राजा बना...

Imran Khan Mocks Asim Munir: "जंगल का क़ानून चल रहा, सीधा राजा बना दो" जेल में बंद इमरान खान का मुल्ला मुनीर पर तंज

Imran Khan Mocks Asim Munir: इमरान खान ने जेल से आसिम मुनीर पर कसा तंज, ‘फील्ड मार्शल नहीं, किंग बनें, क्योंकि पाकिस्तान में जंगल का कानून।’

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 23, 2025, 8:28:18 AM

Imran Khan Mocks Asim Munir

इमरान खान, आसिम मुनीर - फ़ोटो Google

Imran Khan Mocks Asim Munir: अगस्त 2023 से कई मामलों में जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की ‘फील्ड मार्शल’ पदोन्नति पर तीखा कटाक्ष किया है। 22 मई 2025 को उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से लिखा “माशाअल्लाह, जनरल आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल बनाया गया। लेकिन सच कहूं, उनके लिए ‘किंग’ का खिताब ज्यादा मुफीद था, क्योंकि अभी देश में जंगल का कानून चल रहा है। और जंगल में सिर्फ एक ही राजा होता है।”


बता दें कि, 20 मई 2025 को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में संघीय कैबिनेट ने जनरल आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत किया, जो पाकिस्तान के इतिहास में केवल दूसरी बार हुआ है। इससे पहले 1959 में जनरल अयूब खान ने खुद को यह पद दिया था, जिसके बाद वह सैन्य तानाशाह बने। सरकार ने मुनीर की पदोन्नति को ‘मार्का-ए-हक’ और ‘ऑपरेशन बुनयानम मार्सूस’ में उनकी नेतृत्व क्षमता के लिए बताया, जो भारत के साथ हालिया सैन्य तनाव से जुड़ा था। हालांकि इमरान खान की पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI), ने इसे “नाकामी का इनाम” करार दिया।


इमरान खान ने अपने पोस्ट में न केवल मुनीर की आलोचना की, बल्कि देश में कानून के कमजोरों पर लागू होने और शक्तिशालियों को छूट मिलने का भी जिक्र किया। उन्होंने पिछले तीन वर्षों में पाकिस्तान के नैतिक और संवैधानिक ढांचे के “तबाह” होने का आरोप लगाया। खान ने सैन्य प्रतिष्ठान के साथ बातचीत की जरूरत पर जोर दिया, लेकिन उनके और सैन्य नेतृत्व के बीच तल्खी पुरानी है। 2018 में खान ने तत्कालीन पीएम के रूप में मुनीर को ISI प्रमुख के पद से केवल आठ महीने में हटा दिया था। मुनीर की पदोन्नति को खान की राजनीतिक वापसी को रोकने और सैन्य विफलताओं पर पर्दा डालने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।


मुनीर की पदोन्नति ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान आर्थिक संकट, बढ़ती महंगाई और IMF पर निर्भरता से जूझ रहा है। भारत द्वारा इंडस जल संधि को निलंबित करने से आर्थिक दबाव और बढ़ गया है। PTI समर्थकों पर दमन और खान की जेल में बंदी ने राजनीतिक अशांति को बढ़ावा दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि शहबाज शरीफ ने मुनीर को फील्ड मार्शल बनाकर अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने और खान को सत्ता से दूर रखने का समझौता किया है। खान की बहन अलीमा खान ने भी तंज कसते हुए कहा, “मुनीर को फील्ड मार्शल नहीं, पाकिस्तान का बादशाह घोषित करना चाहिए था।” यह पदोन्नति सैन्य शक्ति को और मजबूत करने का प्रतीक मानी जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी हो सकती है।