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JPSC protest : सोनम वांगचुक की राह पर चल पड़े देवेंद्र नाथ महतो, कौन हैं झारखंड के वो आंदोलनकारी जिनकी भूख हड़ताल ने मचाई हलचल?

देवेंद्र नाथ महतो कौन हैं? JPSC-JSSC परीक्षा गड़बड़ी के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठे झारखंड के आंदोलनकारी नेता की कहानी और सोनम वांगचुक से बातचीत जानिए।

JPSC protest : सोनम वांगचुक की राह पर चल पड़े देवेंद्र नाथ महतो, कौन हैं झारखंड के वो आंदोलनकारी जिनकी भूख हड़ताल ने मचाई हलचल?
Tejpratap
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JPSC protest : झारखंड की राजधानी रांची में इन दिनों छात्रों का आंदोलन सुर्खियों में है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा यह प्रदर्शन जेपीएससी, जेएसएससी और सीजीएल जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में किया जा रहा है। इस आंदोलन का सबसे चर्चित चेहरा बनकर उभरे हैं जेएलकेएम (झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा) के केंद्रीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो, जो कई दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठे रहे।

देवेंद्र महतो ने अपनी मांगों को लेकर अनशन शुरू किया था और उन्होंने ऐलान किया था कि जब तक देशभर में आंदोलन के लिए पहचाने जाने वाले शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक उनसे मिलने रांची नहीं आते, तब तक वह अपना अनशन नहीं तोड़ेंगे। इसके बाद सोनम वांगचुक ने फोन पर उनसे बातचीत की और स्वास्थ्य को देखते हुए पानी, शहद और नींबू लेने की अपील की। वांगचुक के आग्रह के बाद देवेंद्र महतो ने पानी ग्रहण किया।

कौन हैं देवेंद्र नाथ महतो?

देवेंद्र नाथ महतो झारखंड के छात्र और युवा आंदोलनों से जुड़े प्रमुख नामों में शामिल हैं। वह जेएलकेएम के केंद्रीय उपाध्यक्ष हैं और लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, स्थानीय युवाओं के अधिकार और रोजगार के मुद्दों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं।

झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं के बीच देवेंद्र महतो की पहचान एक आंदोलनकारी नेता के रूप में बनी है। वह लगातार यह मुद्दा उठाते रहे हैं कि राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली कथित अनियमितताओं से मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

जेपीएससी-जेएसएससी विवाद को लेकर आंदोलन

रांची में चल रहा मौजूदा आंदोलन जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल सहित कई परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर है। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था में खामियों के कारण योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हो रहा है। छात्रों की मांग है कि सरकार परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे। इसी मांग को लेकर बड़ी संख्या में छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटे हुए हैं।

सोनम वांगचुक से क्यों मिली प्रेरणा?

देवेंद्र महतो का अनशन उस समय चर्चा में आया जब उन्होंने सोनम वांगचुक की तरह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल का रास्ता अपनाया। सोनम वांगचुक देश में शिक्षा, पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों को लेकर आंदोलन कर चुके हैं।

फोन पर हुई बातचीत में वांगचुक ने देवेंद्र महतो से कहा कि आंदोलन का उद्देश्य खुद को नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि व्यवस्था का ध्यान समस्याओं की ओर खींचना है। उन्होंने महात्मा गांधी के अनशन का उदाहरण देते हुए कहा कि लंबे संघर्ष के लिए शरीर का स्वस्थ रहना भी जरूरी है।

छात्रों के बीच क्यों बढ़ी लोकप्रियता?

देवेंद्र महतो की लोकप्रियता का बड़ा कारण उनका लगातार छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहना माना जाता है। वह रोजगार, परीक्षा सुधार और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने जैसे मुद्दों को लेकर सरकारों पर सवाल उठाते रहे हैं।झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले हजारों छात्रों के लिए परीक्षा में पारदर्शिता एक बड़ा मुद्दा रहा है। ऐसे में देवेंद्र महतो का आंदोलन छात्रों की आवाज के रूप में देखा जा रहा है।

आंदोलन का आगे क्या होगा?

देवेंद्र महतो ने पानी ग्रहण कर लिया है, लेकिन छात्रों का आंदोलन अभी जारी है। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर सरकार से ठोस कदम उठाने की उम्मीद कर रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत का रास्ता कब खुलता है। फिलहाल देवेंद्र नाथ महतो झारखंड के छात्र आंदोलन का प्रमुख चेहरा बन चुके हैं। भूख हड़ताल, सोनम वांगचुक से बातचीत और परीक्षा सुधार की मांगों ने उन्हें प्रदेश की राजनीति और युवा आंदोलन के केंद्र में ला दिया है।