DESK : देशभर में कोरोना वायरस से अब तक कई आम और खास लोग संक्रमित हो चुके हैं. वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है पर इस बीमारी से संक्रमित होने के बाद ठीक होने वाले लोगों की तादात अन्य देशों से काफी अच्छी है. लेकिन बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए ये बीमारी घातक है.
कल इस संक्रामक बीमारी की वजह से देश की पहली महिला हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पद्मावती का 103 साल की उम्र में निधन हो गया. उनके निधन पर नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट ने एक बयान जारी कर कहा कि - देश की पहली महिला हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एस पद्मावती कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आ गई थीं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. संक्रमण की वजह से उनके दोनों फेफड़ों में निमोनिया हो गया था और रविवार को उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया.
मिली जानकारी के मुताबिक, डॉ. एस पद्मावती भारत की पहली महिला हृदय रोग विशेषज्ञ बनीं थीं. उन्होंने 1981 में दिल्ली के नामी अस्पताल गोविंद बल्लभ पंत में पहला कार्डियक केयर यूनिट की स्थापना की थी. उनका जन्म म्यांमार में हुआ था पर बाद में उनका परिवार भारत में आ बसा था.



