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Ips officer : सुनिए ... आप अपना नंबर दीजिए,मुझे वीडियो कॉल करना है .... लेडी IPS को NCP नेता ने कही यह बात,अब मचा बबाल

Ips officer : महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के करमाला में सड़क निर्माण के लिए हो रहे अवैध मुरुम उत्खनन पर कार्रवाई करने पहुंचीं महिला आईपीएस अधिकारी डीएसपी अंजना कृष्णा और राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार

 Ips officer
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Tejpratap
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5 मिनट

Ips officer :  सरकार किसी भी राज्य की हो उसको चलाने के लिए तीन ही फार्मूला लागू होता है और यह फार्मूला आपने क्लास 9 में ही पढ़ लिया होगा। यदि आपको याद नहीं है तो चलिए हम आपको याद दिला देते हैं। यह फार्मूला है कार्यपालिका,न्यायपालिका,विधायिका। अब आपकी याद ताजा हो गई होगी। अब यह है कि की कार्यपालिका काम कैसे करेगी यह विधायिका में  बैठे लोग तय करते हैं। ऐसे में कई बार इस तरह से भी फैसले लिए जाते हैं जो इस डिजिटल युग में काफी वायरल हो जाते हैं। ऐसे में आज हम आपको एक ऐसी ही कहानी बताने वाले हैं और इस समय खूब सुर्ख़ियों में बना हुआ है। 


दरअसल, इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें एक राज्य के विधायिका में शामिल दूसरे नंबर के नेता यानी सीधे शब्दों में कहें तो उपमुख्यमंत्री एक महिला IPS को यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि आप अपना नंबर बताइए मुझे आपको वीडियो कॉल करना है। इसके बाद अब इसको लेकर कई तरह की बातें आ रही है। लेकिन जब हमने इस वायरल वीडियो की सच्चाई जानी तो फिर इस राज्य के उपमुख्यमंत्री का तरीका इस डिजिटल युग में थोड़ा सही कहा जा सकता है। तो आइए आपको बताते हैं कि पूरा माजरा क्या है ?


सबसे पहले हम आपको बताते हैं कि इस प्रकरण की शुरुआत कैसे हुई तो कहानी इस तरह से बताई जा रही है कि दो दिन पहले सोलापुर जिले की मदा तहसील के कुरडू गांव में यह घटना हुई। यहां अवैध मुर्रम खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान एनसीपी कार्यकर्ताओं ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार को फोन मिलाया। इसके बाद अजित पवार को करमाला की डीएसपी अंजना कृष्णा (IPS) से पहले फोन पर बात किया। अब असली ट्विस्ट इस जगह पर नजर आती है। तो जानिए वह ट्वीस्ट क्या है ?


दरअसल, अजित पवार कथित तौर पर एक एनसीपी कार्यकर्ता के फोन से करमाला की पुलिस उपाधीक्षक अंजना कृष्णा से बात कर रहे हैं। इस दौरान आईपीएस अधिकारी उनकी आवाज नहीं पहचान पाती हैं।इसके बाद यह कहते हैं कि आप मेरी आवाज नहीं पहचान पा रही है। जिसके बाद महिला आईपीएस ने पूछने की कोशिश की कि वह किससे बात कर रही हैं। जिस पर कॉल पर मौजूद व्यक्ति ने कहा, “मैं उपमुख्यमंत्री अजित पवार बोल रहा हूं। क्या आप मुझे नहीं पहचानती? अपना नंबर दीजिए, मैं आपको वीडियो कॉल करता हूं। आप मेरी आवाज नहीं पहचानती?” पवार फिर पूछते हैं कि क्या वह उनका चेहरा पहचानती हैं। इसके बाद वीडियो में कृष्णा कॉल का जवाब देती दिख रही हैं।  बातचीत के दौरान पवार ने कथित तौर पर अधिकारी से कहा कि कार्रवाई रोक दी जाए।


कॉल पर अजित पवार को कहते सुना जा सकता है कि 'मैं आपको आदेश देता हूं कि वो रुकवाओ और आप जाओ तहसीलदार को बताओ कि अजित पवार का फोन आया था। डिप्टी सीएम ने मुझसे कहा है कि ये सब रुकवाने के लिए क्योंकि अभी मुंबई का माहौल अभी खराब है। ' जवाब में अधिकारी ने कहा, 'आप एक काम कीजिए. आप मेरे फोन पर डायरेक्ट कॉल कीजिए।  अजित पवार ने कहा, 'मैं आपके ऊपर एक्शन लूंगा।' उन्होंने कहा कि 'आपको मुझे देखना है। अपना नंबर दे दीजिए मैं व्हाट्सएप कॉल करता हूं। मेरा चेहरा तो आप पहचान जाओगी? इतनी डेरिंग हैं आप?'


इधर, इस पूरे विवाद पर एनसीपी प्रवक्ता आनंद परांजपे ने कहा कि उस कॉल का गलत मतलब निकाला जा रहा है। अजित पवार ने सिर्फ प्रोफेशनल तरीके से बातचीत की थी। उन्होंने कहा कि अंजना कृष्णा का यह कहना कि उन्हें राज्य के डिप्टी सीएम के बारे में जानकारी नहीं है, गलत है। लोकतंत्र में हर किसी की बात सुनी जानी चाहिए और इस वीडियो का गलत मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए। 

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