ब्रेकिंग
बिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलसीवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 20 लाख की लूट, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर साधा निशानाबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलसीवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 20 लाख की लूट, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर साधा निशाना

Delhi Encounter: दिल्ली में मारे गए बिहार के 4 मोस्ट वांटेड, चुनाव से पहले राज्य में आतंक फैलाने की योजना विफल

Delhi Encounter: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने बिहार चुनाव 2025 से पहले आतंक फैलाने की साजिश रच रहे 4 बदमाशों का एनकाउंटर किया है। बहादुर शाह मार्ग पर गोलीबारी, बिहार पुलिस के साथ जॉइंट ऑपरेशन..

Delhi Encounter
प्रतीकात्मक
© Google
Deepak Kumar
Deepak Kumar
2 मिनट

Delhi Encounter: बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले दिल्ली पुलिस और बिहार पुलिस ने बड़ा कारनामा कर दिया है। बुधवार देर रात करीब 2:20 बजे बहादुर शाह मार्ग पर डॉ. अंबेडकर चौक से पंसाली चौक तक चली मुठभेड़ में चार कुख्यात बदमाश मारे गए हैं। यह ऑपरेशन दिल्ली क्राइम ब्रांच और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने किया।


जानकारी के मुताबिक ये लोग बिहार चुनाव से पहले राज्य में आतंक फैलाने की साजिश रच रहे थे। मारे गए बदमाशों की पहचान रंजन पाठक (25), बिमलेश महतो उर्फ बिमलेश साहनी (25), मनीष पाठक (33) के रूप में हुई है, ये सभी सीतामढ़ी के निवास थे।


जबकि एक और अमन ठाकुर (21) दिल्ली का रहने वाल है। सभी को गोली लगने के बाद रोहिणी के डॉ. बीएसए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, ये बदमाश बिहार में हिंसा भड़काने, वोटरों को डराने और राजनीतिक हत्याओं की योजना बना रहे थे। बिहार पुलिस ने बताया कि ये गिरोह चुनावी फंडिंग और जबरन वसूली में भी लिप्त था।

संबंधित खबरें