Coal India Holiday Home: अयोध्या और वाराणसी की धार्मिक यात्रा की योजना बना रहे कोल इंडिया लिमिटेड के कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए इन दोनों प्रमुख धार्मिक शहरों में हॉलिडे होम की सुविधा शुरू करने का फैसला किया है। इस व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को होटल में कमरा लेने के लिए प्रतिदिन सिर्फ 400 रुपये प्रति कमरा का शुल्क देना होगा। हालांकि, इस सुविधा के साथ कई नियम और शर्तें भी लागू की गई हैं।
कोल इंडिया की नई व्यवस्था 1 सितंबर 2026 से 31 अगस्त 2028 तक लागू रहेगी। कंपनी के सर्कुलर के अनुसार अयोध्या और वाराणसी दोनों शहरों में कर्मचारियों के ठहरने के लिए दो-दो कमरे उपलब्ध कराए जाएंगे। यानी सीमित कमरों के कारण कर्मचारियों को यात्रा की योजना पहले से बनानी होगी।
अयोध्या में यहां मिलेगा ठहरने का मौका
कोल इंडिया ने अयोध्या में कर्मचारियों के लिए कल्याण केके होटल्स, रामपथ में दो कमरों की व्यवस्था की है। रामनगरी अयोध्या में लगातार बढ़ रहे श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या के बीच होटल बुकिंग अक्सर चुनौती बन जाती है। ऐसे में कोल इंडिया कर्मचारियों के लिए कंपनी की यह सुविधा काफी राहत देने वाली मानी जा रही है।
वहीं, वाराणसी जाने वाले कर्मचारियों के लिए सफायर ग्रांड में दो कमरों की व्यवस्था की गई है। काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा घाटों की यात्रा करने वाले कर्मचारियों के लिए यह व्यवस्था खास तौर पर उपयोगी हो सकती है। हालांकि, यह सुविधा आम लोगों के लिए नहीं होगी। इसका लाभ केवल कोल इंडिया लिमिटेड के पात्र कर्मचारियों को ही दिया जाएगा। कर्मचारी को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा।
सिर्फ 400 रुपये में कमरा, लेकिन नियमों का पालन जरूरी
कोल इंडिया के निर्देश के मुताबिक कर्मचारी को हॉलिडे होम में कमरा बुक करने के लिए 400 रुपये प्रति कमरा प्रतिदिन की दर से भुगतान करना होगा। बुकिंग के लिए पूरी राशि का डिमांड ड्राफ्ट कोल इंडिया के पक्ष में जमा करना अनिवार्य होगा।आवेदन करते समय कर्मचारी को अपने परिवार के सदस्यों से संबंधित निर्धारित घोषणा-पत्र भी देना होगा। आवेदन सीधे भेजने के बजाय संबंधित कर्मचारी के नियंत्री पदाधिकारी के माध्यम से आगे भेजा जाएगा। यानी सिर्फ यात्रा की इच्छा जाहिर कर देने से कमरा नहीं मिलेगा। पूरी प्रक्रिया और दस्तावेजी औपचारिकताएं पूरी करना जरूरी होगा।
एक कर्मचारी को अधिकतम तीन दिन तक ही मिलेगी बुकिंग
हॉलिडे होम की सुविधा का लाभ लेने के लिए समय सीमा भी तय की गई है। नियमों के अनुसार, एक कर्मचारी किसी एक होटल में अधिकतम तीन दिनों के लिए ही कमरा बुक कर सकता है। इसके अलावा किसी एक स्थान पर एक कर्मचारी को एक कैलेंडर वर्ष में अधिकतम दो कमरों का आवंटन किया जा सकेगा। इस नियम का उद्देश्य सीमित संसाधनों का अधिक से अधिक कर्मचारियों के बीच समान रूप से वितरण करना माना जा रहा है।दोनों शहरों में केवल दो-दो कमरे उपलब्ध होने के कारण कर्मचारियों के लिए समय पर आवेदन करना काफी महत्वपूर्ण होगा।
75 दिन पहले शुरू होगी बुकिंग
कोल इंडिया ने बुकिंग की प्रक्रिया के लिए भी स्पष्ट समय सीमा तय की है। किसी भी यात्रा की वास्तविक आरक्षण तिथि से 75 दिन पहले बुकिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। इसका मतलब है कि अयोध्या या वाराणसी जाने की योजना बना रहे कर्मचारियों को अंतिम समय का इंतजार नहीं करना चाहिए। खासकर त्योहारों, छुट्टियों और धार्मिक आयोजनों के दौरान कमरे की मांग अधिक होने की संभावना रहती है। कंपनी ने यह भी साफ कर दिया है कि अयोध्या के लिए की गई बुकिंग को वाराणसी में और वाराणसी की बुकिंग को अयोध्या में ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा। कर्मचारी को जिस स्थान के लिए आरक्षण चाहिए, उसी के अनुसार अलग से आवेदन करना होगा।
किसी दूसरे के नाम बुकिंग करना पड़ेगा भारी
कोल इंडिया के निर्देशों में सबसे सख्त प्रावधान बुकिंग के गलत इस्तेमाल को लेकर है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि हॉलिडे होम की बुकिंग किसी दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर नहीं की जा सकेगी। यानी कर्मचारी के नाम से कमरा बुक कराकर किसी अन्य व्यक्ति को इसका लाभ देना नियमों के विरुद्ध माना जाएगा। कंपनी ने साफ संकेत दिया है कि हॉलिडे होम सुविधा केवल पात्र कर्मचारी और निर्धारित परिवार के सदस्यों के लिए ही है।
कैंसिलेशन में देरी हुई तो नहीं मिलेगा पैसा वापस
बुकिंग रद्द करने को लेकर भी कोल इंडिया ने स्पष्ट नियम बनाया है। यदि कर्मचारी अपनी बुकिंग रद्द करना चाहता है तो उसे वास्तविक बुकिंग अवधि से कम से कम सात दिन पहले रद्दीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।अगर कर्मचारी सात दिन से कम समय पहले बुकिंग रद्द करता है या निर्धारित अवधि तक रद्द नहीं करता है, तो जमा की गई बुकिंग राशि वापस नहीं की जाएगी। इसलिए कर्मचारियों को यात्रा की तारीख तय करने से पहले अपनी योजना को लेकर स्पष्ट होना जरूरी है। आखिरी समय में योजना बदलने पर आर्थिक नुकसान हो सकता है।
कुल मिलाकर, अयोध्या और वाराणसी जैसे प्रमुख धार्मिक शहरों में कोल इंडिया की यह हॉलिडे होम सुविधा कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। लेकिन सीमित कमरे, अधिकतम तीन दिन की अवधि, 75 दिन पहले बुकिंग और सख्त कैंसिलेशन नियमों के कारण इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए कर्मचारियों को समय रहते योजना बनानी होगी। सिर्फ 400 रुपये प्रतिदिन में होटल में ठहरने का मौका निश्चित रूप से आकर्षक है, मगर एक छोटी सी लापरवाही बुकिंग और जमा राशि दोनों पर भारी पड़ सकती है।





