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बिहार की छात्रा रागिनी ने CJI सूर्यकांत को बांधी राखी, सुप्रीम कोर्ट में आयोजित हुआ विशेष रक्षाबंधन समारोह

CJI Surya Kant: बिहार के सीवान जिले के जीरादेई की छात्रा रागिनी ने रक्षाबंधन पर सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत को अपने हाथों से बनाई राखी बांधी। 11 की छात्रा रागिनी ने CJI का ऑटोग्राफ भी लिया।

CJI Surya Kant
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

CJI Surya Kant: रक्षाबंधन का पर्व बिहार की छात्रा रागिनी के लिए जीवनभर की याद बन गया। सीवान जिले के जीरादेई की रहने वाली रागिनी ने सुप्रीम कोर्ट पहुंचकर मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत को अपने हाथों से बनाई राखी बांधी। इस खास मुलाकात के दौरान उन्होंने CJI का ऑटोग्राफ भी लिया और जीवन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सीख हासिल की।



रागिनी वर्तमान में दिल्ली के पश्चिम विनोद नगर स्थित राजकीय सर्वोदय कन्या विद्यालय में कक्षा 11 की विज्ञान की छात्रा हैं। वह मूल रूप से देश के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद के गांव जीरादेई की रहने वाली हैं।



अपने हाथों से बनाई राखी बांधने की थी इच्छा

रागिनी पहली बार सुप्रीम कोर्ट पहुंची थीं। उनकी इच्छा थी कि वह अपने हाथों से बनाई राखी मुख्य न्यायाधीश को बांधें। इसके लिए उन्होंने CJI से संपर्क किया। उनकी इच्छा को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट के जजेज लाउंज में रक्षाबंधन समारोह आयोजित करने का निर्देश दिया।



समारोह के दौरान CJI सूर्यकांत ने बच्चों से बातचीत की और उनके साथ समय बिताया। रागिनी ने उन्हें अपने हाथों से बनाई राखी बांधी। उन्होंने बताया कि मुख्य न्यायाधीश का सहज और सरल व्यवहार उनके लिए बेहद प्रेरणादायी रहा।



CJI से मिली जीवन की महत्वपूर्ण सीख

रागिनी के अनुसार, इस मुलाकात के दौरान उन्हें जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मूल्य और सीख मिलीं। उन्होंने कहा कि वह इन सीखों को अपने भविष्य के जीवन में अपनाने का प्रयास करेंगी। इस यादगार मुलाकात के दौरान रागिनी ने मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का ऑटोग्राफ भी लिया। वह इस ऑटोग्राफ को जीवनभर अपने पास सुरक्षित रखना चाहती हैं।



सुप्रीम कोर्ट पहुंचने का अनुभव सपने जैसा

रागिनी ने सुप्रीम कोर्ट परिसर में पहुंचने के अनुभव को भी बेहद खास बताया। उन्होंने कहा कि जब एस्कॉर्ट वाहन सुरक्षा द्वारों से गुजरते हुए उन्हें सुप्रीम कोर्ट परिसर के अंदर ले गया, तो उन्हें ऐसा लगा जैसे वह किसी सपने का हिस्सा हों।



रक्षाबंधन समारोह के बाद विद्यार्थियों के लिए अल्पाहार और जलपान की भी व्यवस्था की गई। रागिनी का कहना है कि वह सुप्रीम कोर्ट से सिर्फ CJI को राखी बांधने की याद लेकर नहीं लौटीं, बल्कि अपने साथ कई मधुर स्मृतियां और जीवन को बेहतर दिशा देने वाली महत्वपूर्ण सीख भी लेकर लौटी हैं।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता