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Bihar News : 20 रुपये में बिकता था अश्लील वीडियो! टेलीग्राम से चलता था पूरा खेल, 1200 से ज्यादा वीडियो की खरीद-बिक्री का खुलासा

पटना में टेलीग्राम और सोशल मीडिया के जरिए आपत्तिजनक वीडियो की खरीद-बिक्री का मामला सामने आया है। साइबर थाना पुलिस ने पालीगंज से एक दुकानदार को गिरफ्तार किया है।

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Tejpratap
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Bihar News : पटना में सोशल मीडिया और टेलीग्राम ग्रुप के जरिए आपत्तिजनक वीडियो की खरीद-बिक्री करने वाले एक व्यक्ति को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान पालीगंज थाना क्षेत्र के धरहरा निवासी अशोक कुमार के रूप में हुई है। वह कपड़े की दुकान चलाता था और कथित तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए नए ग्राहकों की तलाश करता था।


पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी आपत्तिजनक वीडियो को डाउनलोड करने, अपलोड करने और दूसरे लोगों के साथ शेयर करने के बदले पैसे लेता था। पूछताछ के दौरान उसने 1200 से अधिक वीडियो की खरीद-बिक्री करने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने उसके पास से वह मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर वीडियो डाउनलोड, अपलोड और शेयर करने में किया जाता था।


टेलीग्राम ग्रुप से शुरू हुआ ऑनलाइन नेटवर्क

पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले पैसे देकर एक टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ा था। इसके बाद उसे दूसरे ग्रुप में जोड़ा गया। इसी नेटवर्क के जरिए वह आपत्तिजनक वीडियो हासिल करने और उन्हें आगे बेचने लगा। जांच में यह भी पता चला कि वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड या शेयर करने के बदले उसे अलग से भुगतान किया जाता था।


आरोपी ने पुलिस को बताया कि एक वीडियो अपलोड या शेयर करने के लिए उसे करीब 20 से 30 रुपये तक मिलते थे। इसके अलावा वह वीडियो की खरीद-बिक्री भी करता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क का संचालन कितने समय से किया जा रहा था और इससे जुड़े अन्य लोग कौन-कौन हैं।


दिल्ली से मिली सूचना के बाद कार्रवाई

साइबर डीएसपी सह थानाध्यक्ष संगीता कुमारी के अनुसार, दिल्ली स्थित सीसीयूएस से पटना सीसीयूएस को एक युवक द्वारा आपत्तिजनक वीडियो डाउनलोड किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के साथ संबंधित लिंक भी उपलब्ध कराया गया था।


इसके बाद पटना साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान संदिग्ध गतिविधियों का सुराग मिलने पर पुलिस टीम ने पालीगंज के धरहरा इलाके में छापेमारी की और अशोक कुमार को गिरफ्तार कर लिया।


बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की जांच

गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की भी जांच कर रही है। इसका उद्देश्य कथित तौर पर इस गतिविधि से हुई कमाई और उससे जुड़े दूसरे लोगों तक पहुंचना है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी कब से इस तरह की गतिविधियों में शामिल था।


जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह केवल एक व्यक्ति तक सीमित मामला नहीं हो सकता। पुलिस अब कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों और इसके संचालन से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गतिविधि का दायरा पटना के अलावा बिहार के दूसरे जिलों तक कितना फैला हुआ है।


मास्टरमाइंड की तलाश में पुलिस

पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इस पूरे नेटवर्क के पीछे मौजूद लोगों तक पहुंचना है। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कथित नेटवर्क के मास्टरमाइंड की तलाश की जा रही है।


इस मामले में पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन और डिजिटल लेनदेन से मिलने वाली जानकारी को अहम मान रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी सामने आ सकती है।


फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है और साइबर थाना पुलिस पूरे मामले की तकनीकी तथा वित्तीय पहलुओं से जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आपत्तिजनक सामग्री के इस कथित ऑनलाइन कारोबार में कितने लोग शामिल हैं और इसके जरिए कितनी रकम का लेनदेन हुआ।