ब्रेकिंग
बिहार में बढ़ रहे आपराधिक वारदातों पर भड़के चिराग पासवान, कहा..सरकार का हिस्सा होने पर शर्मिंदगी महसूस हो रही है✦ड्यूटी के दौरान बातचीत में मशगूल दिखे पुलिसकर्मी, वीडियो सामने आने के बाद SP ने दिये जांच के आदेश✦1 अक्टूबर से वजन के हिसाब से बिकेगा गिट्टी-बालू, मोटर वाहन संघ का बड़ा फैसला✦किशनगंज में युवती से बदसलूकी मामले में चौथी गिरफ्तारी, गुजरात में छिपे आरोपी को पुलिस ने दबोचा✦बाढ़ के बीच जहरीले सांप का कहर... मां के साथ सो रहे मासूम को डसा, अस्पताल पहुंचते ही मौत✦बिहार में बढ़ रहे आपराधिक वारदातों पर भड़के चिराग पासवान, कहा..सरकार का हिस्सा होने पर शर्मिंदगी महसूस हो रही है✦ड्यूटी के दौरान बातचीत में मशगूल दिखे पुलिसकर्मी, वीडियो सामने आने के बाद SP ने दिये जांच के आदेश✦1 अक्टूबर से वजन के हिसाब से बिकेगा गिट्टी-बालू, मोटर वाहन संघ का बड़ा फैसला✦किशनगंज में युवती से बदसलूकी मामले में चौथी गिरफ्तारी, गुजरात में छिपे आरोपी को पुलिस ने दबोचा✦बाढ़ के बीच जहरीले सांप का कहर... मां के साथ सो रहे मासूम को डसा, अस्पताल पहुंचते ही मौत

बिहार में जहरीली शराब से मौत का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा: मामले की स्वतत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग

DELHI: बिहार के छपरा में जहरीली शराब से करीब 60 लोगों की मौत का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर इस मामले की जांच स्वतंत्र एसआईटी यानि वि

बिहार में जहरीली शराब से मौत का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा: मामले की स्वतत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग
Mukesh Srivastava
2 मिनट

DELHI: बिहार के छपरा में जहरीली शराब से करीब 60 लोगों की मौत का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर इस मामले की जांच स्वतंत्र एसआईटी यानि विशेष जांच दल से कराने की मांग की गयी .


शुक्रवार को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच में इस मामले को उठाया गया. हालांकि सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने तत्काल इस मामले की सुनवाई करने से इंकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि आज जिन केस की सुनवाई होनी है उसकी सूची में ये मामला शामिल नहीं है. चीफ जस्टिस ने कहा-अगर ये मामला इतना महत्वपूर्ण है तो आपको इसे लिस्टेड कराना चाहिये. मेरे कोर्ट में अनुशासन बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए सॉरी.


सुप्रीम कोर्ट में ये याचिका आर्यावर्त महासभा फाउंडेशन ने दायर की है. याचिका में कहा है कि अवैध शराब के निर्माण, व्यापार औऱ बेचने पर राष्ट्रीय स्तर पर एक्शन प्लान बनाना चाहिये. इस याचिका में मांग की गयी है कि बिहार में जहरीली शराब पीने से मरने वाले लोगों के परिजनों को मुआवजा दिया जाना चाहिये. क्योंकि सरकार की लापरवाही के कारण ये घटना हुई है.


याचिका दायर करने वाले की ओर से कहा गया है कि बिहार में 2016 से ही पूर्ण शराबबंदी है. उस समय से राज्य सरकार शराबबंदी को अमल में लाने में पूरी तरह से फेल रही है. इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है. एक बार फिर जहरीली शराब पीने से इतने सारे लोगों की मौत हुई है. इसलिए सुप्रीम कोर्ट को इसकी जांच स्वतंत्र एसआईटी से कराना चाहिये. जांच के आधार पर जिम्मेवार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिये.