ब्रेकिंग
नेपाल की बारिश का बिहार में असर: तिरहुत की नदियों का जलस्तर बढ़ा, संभावित बाढ़ को लेकर आयुक्त ने जिलों को दिए सख्त निर्देशकब जारी होगा BPSC TRE4 का नोटिफिकेशन? शिक्षक बहाली पर शिक्षा मंत्री ने दिया यह जवाबBihar News: DDC ने पत्नी के नाम पर करोड़ों की संपत्ति अर्जित की और छुपा लिया...SVU की छापेमारी में खुली थी पोल, निलंबित अफसर के खिलाफ शुरू हुआ डिपार्टमेंटल प्रोसिडिंग बिहार में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी होगी खत्म, शिक्षा विभाग जल्द जारी करेगा नया SOP, नियमों की अनदेखी पड़ेगी भारी!प्राइवेट शिक्षण संस्थानों पर नकेल कसने की तैयारी, 1 से डेढ़ महीने में आएगी नई कोचिंग नीति; शिक्षा मंत्री ने बताया सरकार का प्लाननेपाल की बारिश का बिहार में असर: तिरहुत की नदियों का जलस्तर बढ़ा, संभावित बाढ़ को लेकर आयुक्त ने जिलों को दिए सख्त निर्देशकब जारी होगा BPSC TRE4 का नोटिफिकेशन? शिक्षक बहाली पर शिक्षा मंत्री ने दिया यह जवाबBihar News: DDC ने पत्नी के नाम पर करोड़ों की संपत्ति अर्जित की और छुपा लिया...SVU की छापेमारी में खुली थी पोल, निलंबित अफसर के खिलाफ शुरू हुआ डिपार्टमेंटल प्रोसिडिंग बिहार में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी होगी खत्म, शिक्षा विभाग जल्द जारी करेगा नया SOP, नियमों की अनदेखी पड़ेगी भारी!प्राइवेट शिक्षण संस्थानों पर नकेल कसने की तैयारी, 1 से डेढ़ महीने में आएगी नई कोचिंग नीति; शिक्षा मंत्री ने बताया सरकार का प्लान

जिस BJP विधायक के चार्टर्ड प्लेन से गए कांग्रेसी के बागी विधायक, उसके दो आयरन की खदानें सील

BHOPAL: कमलनाथ की सरकार ने बीजेपी विधायक की दो आयरन की खदानें सील कर दिया है. विधायक संजय पाठक के चार्टर्ड प्लेन से दी कांग्रेस के बागी विधायक दिल्ली गए थे. जिसके बाद सरकार ने कार्

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

BHOPAL: कमलनाथ की सरकार ने बीजेपी विधायक की दो आयरन की खदानें सील कर दिया है. विधायक संजय पाठक के चार्टर्ड प्लेन से दी कांग्रेस के बागी विधायक दिल्ली गए थे. जिसके बाद सरकार ने कार्रवाई की है. 

संजय पाठक की दो खदानों को जबलपुर डीएम ने सील करा दिया है. संजय पाठक की निर्मला मिनरल्स के नाम से जबलपुर के सिहोरा क्षेत्र में अगरिया और दुबियारा में आयरन की दो खदानें हैं. संजय पाठक 'ऑपरेशन लोटस' के मुख्य किरदार माने जा रहे हैं. बताया गया है-उन्हीं के चार्टर्ड प्लेन से कांग्रेस विधायकों को दिल्ली ले जाया गया था. 

बताया जा रहा है कि इन खदानों को जून 2019 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जबलपुर डीएम ने चालू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन खदान सील करने के बाद में खदान संचालक निर्धारित समय में कागजात जमा नहीं कर पाए इसलिए कार्रवाई की गई है. हकीकत जो भी है. लेकिन इसको लेकर राजनीति शुरू हो गई है.