ब्रेकिंग
Bihar News: जहानाबाद सदर अस्पताल में जनरेटर बिल में हुए फर्जीवाड़े की जांच रिपोर्ट कहां है... क्या मामले को दबाने की हो रही कोशिश ?✦महिला ने एक साथ 2 बेटे और 2 बेटियों को दिया जन्म, चारों नवजात स्वस्थ, परिवार में खुशी का माहौल ✦पटना MLC चुनाव में PK का बड़ा ऐलान: शिक्षकों को 7वां वेतनमान और 10 हजार पढ़े-लिखे युवाओं को नौकरी का दावा✦‘किसी भी बेटी को अगर कोई छू ले तो 24 घंटे में सलाखों के पीछे होगा’, युवा संवाद में बोले सीएम सम्राट चौधरी✦मिट्ठू लाओ-50 हजार का ईनाम पाओ: बिल्ली की डर से उड़ा 14 साल पुराना तोता, पूरे इलाके में मालिक ने लगाया पोस्टर ✦Bihar News: जहानाबाद सदर अस्पताल में जनरेटर बिल में हुए फर्जीवाड़े की जांच रिपोर्ट कहां है... क्या मामले को दबाने की हो रही कोशिश ?✦महिला ने एक साथ 2 बेटे और 2 बेटियों को दिया जन्म, चारों नवजात स्वस्थ, परिवार में खुशी का माहौल ✦पटना MLC चुनाव में PK का बड़ा ऐलान: शिक्षकों को 7वां वेतनमान और 10 हजार पढ़े-लिखे युवाओं को नौकरी का दावा✦‘किसी भी बेटी को अगर कोई छू ले तो 24 घंटे में सलाखों के पीछे होगा’, युवा संवाद में बोले सीएम सम्राट चौधरी✦मिट्ठू लाओ-50 हजार का ईनाम पाओ: बिल्ली की डर से उड़ा 14 साल पुराना तोता, पूरे इलाके में मालिक ने लगाया पोस्टर

जिस BJP विधायक के चार्टर्ड प्लेन से गए कांग्रेसी के बागी विधायक, उसके दो आयरन की खदानें सील

BHOPAL: कमलनाथ की सरकार ने बीजेपी विधायक की दो आयरन की खदानें सील कर दिया है. विधायक संजय पाठक के चार्टर्ड प्लेन से दी कांग्रेस के बागी विधायक दिल्ली गए थे. जिसके बाद सरकार ने कार्

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

BHOPAL: कमलनाथ की सरकार ने बीजेपी विधायक की दो आयरन की खदानें सील कर दिया है. विधायक संजय पाठक के चार्टर्ड प्लेन से दी कांग्रेस के बागी विधायक दिल्ली गए थे. जिसके बाद सरकार ने कार्रवाई की है. 

संजय पाठक की दो खदानों को जबलपुर डीएम ने सील करा दिया है. संजय पाठक की निर्मला मिनरल्स के नाम से जबलपुर के सिहोरा क्षेत्र में अगरिया और दुबियारा में आयरन की दो खदानें हैं. संजय पाठक 'ऑपरेशन लोटस' के मुख्य किरदार माने जा रहे हैं. बताया गया है-उन्हीं के चार्टर्ड प्लेन से कांग्रेस विधायकों को दिल्ली ले जाया गया था. 

बताया जा रहा है कि इन खदानों को जून 2019 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जबलपुर डीएम ने चालू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन खदान सील करने के बाद में खदान संचालक निर्धारित समय में कागजात जमा नहीं कर पाए इसलिए कार्रवाई की गई है. हकीकत जो भी है. लेकिन इसको लेकर राजनीति शुरू हो गई है.