DESK : बदलते समय की मांग के हिसाब से भारत भी छोटे-बड़े बदलाव कर डिजिटल इंडिया की तरफ अपना कदम बढ़ा रहा है. भारत सरकार इकोनोमी को कैशलेस की तरफ ले जाने की कोशिश कर रही है. इन्ही प्रयासों के तहत सरकार ने कुछ दिन पहले गाड़ियों पर फास्टैग से जोड़ने की कवायद शुरू की थी. अब इसमें एक बड़ा फेर-बदल किया गया है. अब अगर आपकी गाड़ी पर फास्टैग नहीं है तो आपको सरकार की ओर से छूट नहीं दी जाएगी
नए नियम के मुताबिक अब 24 घंटों में लौटने पर टोल टैक्स में छूट उन्ही को मिलेगी जिसकी गाड़ी पर वैध फास्टैग होगा. सरल शब्दों में कहें तो आप कैश भुगतान कर के टोल टैक्स देते हैं तो आपको 24 घंटों में वापस लौटने पर छूट नहीं मिलेगी.
आप कहीं जा कर 24 घंटों के अंदर लौट आटे हैं तो खुद ही आपके फास्टैग खाते से डिस्काउंट लगाकर पैसे कट जाएंगे. यदि फ़ास्टैग से भुकतान नहीं हुआ तो आपको फिर से पूरी कीमत का पर्ची लेना होगा.
आपको बता दें कि फास्टैग एक डिजिटल पेमेंट का माध्यम है, जिसके स्टीकर आपकी गाड़ी के विंडस्क्रीन पर लगा होता है. इसे लगाने के बाद टोल प्लाजा से गुजरने पर वहां लगे कैमरे इसे स्कैन कर लेते हैं. इसके बाद टोल की रकम आपके अकाउंट से अपने आप कट जाती है ये प्रक्रिया चंद सेकेंड में पूरी हो जाती है और आपको लम्बी लाइन में नहीं लग्न पड़ता.
आपकी गाड़ी की विंडस्क्रीन पर लगा फास्टैग मोबाइल फोन की तरह रिचार्ज सरलता से रिचार्ज हो जाता है. आप इसे My फास्टैग ऐप या नेटबैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, यूपीआई और अन्य लोकप्रिय तरीकों के जरिए रिचार्ज कर सकते हैं.




