ब्रेकिंग
मिट्ठू लाओ-50 हजार का ईनाम पाओ: बिल्ली की डर से उड़ा 14 साल पुराना तोता, पूरे इलाके में मालिक ने लगाया पोस्टर ✦PM आवास योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा! छह परिवारों पर गिरेगी गाज... होगी सरकारी राशि की वसूली✦सेल टैक्स ऑफिस में निगरानी की रेड, 25 हजार रिश्वत लेते असिस्टेंट कमिश्नर और डाटा एंट्री ऑपरेटर गिरफ्तार✦कोचिंग से लौटते ही नदी में नहाने निकले 3 किशोर, कुछ देर बाद आई मौत की खबर; परिवार में कोहराम✦बिहार के इस CO ने सरकारी राशि में 11.47 लाख का किया खेल ! जिलाधिकारी की रिपोर्ट पर अब होगी यह कार्रवाई...✦मिट्ठू लाओ-50 हजार का ईनाम पाओ: बिल्ली की डर से उड़ा 14 साल पुराना तोता, पूरे इलाके में मालिक ने लगाया पोस्टर ✦PM आवास योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा! छह परिवारों पर गिरेगी गाज... होगी सरकारी राशि की वसूली✦सेल टैक्स ऑफिस में निगरानी की रेड, 25 हजार रिश्वत लेते असिस्टेंट कमिश्नर और डाटा एंट्री ऑपरेटर गिरफ्तार✦कोचिंग से लौटते ही नदी में नहाने निकले 3 किशोर, कुछ देर बाद आई मौत की खबर; परिवार में कोहराम✦बिहार के इस CO ने सरकारी राशि में 11.47 लाख का किया खेल ! जिलाधिकारी की रिपोर्ट पर अब होगी यह कार्रवाई...

अजमेर दरगाह शरीफ का हो सकता है सर्वे, कोर्ट हिंदू पक्ष की याचिका पर सुनवाई करने को तैयार

DESK: यूपी के जामा मस्जिद के बाद अब राजस्थान के अजमेर में स्थित दरगाह शरीफ के सर्वे का काम जल्द ही शुरू हो सकता है। राजस्थान की नीचली अदालन ने हिंदू पक्ष की उस याचिका को सुनवाई के

अजमेर दरगाह शरीफ का हो सकता है सर्वे, कोर्ट हिंदू पक्ष की याचिका पर सुनवाई करने को तैयार
Mukesh Srivastava
2 मिनट

DESK: यूपी के जामा मस्जिद के बाद अब राजस्थान के अजमेर में स्थित दरगाह शरीफ के सर्वे का काम जल्द ही शुरू हो सकता है। राजस्थान की नीचली अदालन ने हिंदू पक्ष की उस याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है जिसमें दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा किया गया था।


दरअसल, हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने कोर्ट में एक याचिका दायर कर दरगाह शरीफ के सर्वे की मांग की थी। हिंदू पक्ष ने याचिका के साथ एक सबूत भी पेश किया और उस जगह पर पूजा करने की अनुमति मांगी है और साथ ही साथ पुरातत्व विभाग से सर्वेक्षण कराने की भी मांग की थी।


हिंदू पक्ष का दावा है कि दरगाह की जमीन पर पहले भगवान शिव का मंदिर था। मंदिर में पूजा और जलाभिषेक होता था। साल 1911 में लिखी पुस्तक का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि दरगाह परिसर में मौजूद 75 फीसद लंबे बुलंद दरवाजे के निर्माण में मंदिर के मलबे का अंश है वहीं तहखाने में गर्भगृह होने के प्रमाण मिलने की बात कही गई है।


बता दें कि मंगलवार को भी इस मामले की सुनवाई होनी थी लेकिन अदालत सुनवाई के लिए 27 नवंबर की तारीख निर्धारित कर दी थी। पिछली सुनवाई के दौरान सबूत के तौर पर हिंदू पक्ष ने एक खास किताब पेश किया था जिसमें दावा किया गया था कि वहां एक मंदिर था।