ब्रेकिंग
Bihar Daroga Bharti 2026 : बिहार में 10,789 दरोगा अभ्यर्थियों का हल्ला बोल! गांधी मैदान से CM आवास तक मार्च, पुलिस अलर्ट✦JDU में महाभारत! नहीं लूंगा ललन सिंह से आशीर्वाद,मुझे परेशान किया,भड़के नीरज कुमार ने केंद्रीय मंत्री को जमकर सुनाया✦Bihar Boat Accident : बिहार के बेगूसराय में बड़ा हादसा! किनारे पहुंचने ही वाली थी नाव, तभी पलटी; 20 लोग नदी में गिरे, 2 लापता✦Bihar Politics : ‘पसंद आए या न आए, मानना पड़ेगा फैसला!’ अनंत सिंह पर कार्रवाई के बाद संजय झा का बड़ा बयान, बोले- पार्टी के फैसले का विरोध कहीं से उचित नहीं’✦ 'जॉर्ज, शरद यादव, दिग्विजय सिंह को जलील किया', MLC चुनाव में JDU के खराब प्रदर्शन पर बरसे गोपाल मंडल, कहा - नीतीश कुमार की भी दुर्दशा तय!✦ Bihar Daroga Bharti 2026 : बिहार में 10,789 दरोगा अभ्यर्थियों का हल्ला बोल! गांधी मैदान से CM आवास तक मार्च, पुलिस अलर्ट✦JDU में महाभारत! नहीं लूंगा ललन सिंह से आशीर्वाद,मुझे परेशान किया,भड़के नीरज कुमार ने केंद्रीय मंत्री को जमकर सुनाया✦Bihar Boat Accident : बिहार के बेगूसराय में बड़ा हादसा! किनारे पहुंचने ही वाली थी नाव, तभी पलटी; 20 लोग नदी में गिरे, 2 लापता✦Bihar Politics : ‘पसंद आए या न आए, मानना पड़ेगा फैसला!’ अनंत सिंह पर कार्रवाई के बाद संजय झा का बड़ा बयान, बोले- पार्टी के फैसले का विरोध कहीं से उचित नहीं’✦ 'जॉर्ज, शरद यादव, दिग्विजय सिंह को जलील किया', MLC चुनाव में JDU के खराब प्रदर्शन पर बरसे गोपाल मंडल, कहा - नीतीश कुमार की भी दुर्दशा तय!

Bihar Assembly Election 2025 : महागठबंधन में दूसरे नंबर की पार्टी को डर! छोटी पार्टी के नेता को बताया उपमुख्यमंत्री, खुद के लिए ठन-ठन गोपाल; आखिर क्या है मजबूरी

महागठबंधन ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार और मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री घोषित किया। छोटे और बड़े दलों में संतुलन बनाते हुए यह चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा है।

Bihar Assembly Election 2025 : महागठबंधन में दूसरे नंबर की पार्टी को डर! छोटी पार्टी के नेता को बताया उपमुख्यमंत्री, खुद के लिए ठन-ठन गोपाल; आखिर क्या है मजबूरी
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

Bihar Assembly Election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण से पहले महागठबंधन में सीटों के बंटवारे और नेतृत्व को लेकर चल रही राजनीति ने नया मोड़ ले लिया है। आज महागठबंधन ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव को अपना मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है। वहीं, बड़ी पार्टियों से मुकाबले में गठबंधन की छोटी पार्टी VIP के नेता मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री के तौर पर सरकार में स्थान दिया गया है।


इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का तूफ़ान खड़ा कर दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि महागठबंधन में दूसरे नंबर की बड़ी पार्टी को यह डर किस बात का था कि उन्होंने छोटी पार्टी के नेता को उपमुख्यमंत्री का पद दे दिया और खुद के लिए मुख्यमंत्री पद पर ठन-ठन गोपाल कर रखा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम केवल सत्ता की मजबूरी और गठबंधन के अंदर संतुलन बनाने की रणनीति का हिस्सा है।


तेजस्वी यादव बने मुख्य्मंत्री पद के उम्मीदवार

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने स्पष्ट किया है कि 2020 के चुनावों में मिली लोकप्रियता और पार्टी के चुनावी बल को देखते हुए तेजस्वी यादव ही महागठबंधन का नेतृत्व करेंगे। तेजस्वी की यह स्थायी छवि कि वे विकास और युवा नेतृत्व के प्रतीक हैं, गठबंधन के लिए चुनावी रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उनकी घोषणा से महागठबंधन में स्पष्टता आ गई है कि मुख्यमंत्री पद के लिए कोई दोराहा नहीं है।


महागठबंधन में दूसरे नंबर की बड़ी पार्टी के लिए यह कदम चुनौतीपूर्ण है। पार्टी नेताओं और समर्थकों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि क्यों उन्हें उपमुख्यमंत्री के पद के लिए नहीं चुना गया। हालांकि, राजनीतिक रणनीति के तहत यह जरूरी माना गया कि छोटी पार्टियों के नेतृत्व को सत्ता में शामिल किया जाए ताकि गठबंधन में किसी प्रकार की नाराजगी या दरार न आए।


विश्लेषकों के अनुसार, महागठबंधन की यह रणनीति सत्ता की मजबूरी को दर्शाती है। बिहार जैसे बहुजन और जातीय समीकरणों वाले राज्य में राजनीतिक संतुलन बेहद जरूरी है। तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बनकर गठबंधन का चेहरा तो हैं, लेकिन उपमुख्यमंत्री पद छोटे दलों को देकर सभी के बीच संतुलन बनाए रखना भी जरूरी था।


महागठबंधन की इस घोषणा से स्पष्ट है कि राज्य की राजनीति में गठबंधन की दिशा क्या होगी। छोटे दलों की भागीदारी से महागठबंधन को चुनावी स्तर पर व्यापक समर्थन मिलेगा। वहीं, बड़े दलों के लिए चुनौती यह होगी कि वे अपने समर्थकों को संतुष्ट करें और यह दिखाएं कि उनका राजनीतिक महत्व अभी भी गठबंधन में बरकरार है।