ब्रेकिंग
कैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलसीवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 20 लाख की लूट, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर साधा निशानाBihar News: भ्रष्ट DPO को 5 साल की सजा, 2 लाख कैश घूस लेते निगरानी ने 10 साल पहले किया था गिरफ्तारकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलसीवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 20 लाख की लूट, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर साधा निशानाBihar News: भ्रष्ट DPO को 5 साल की सजा, 2 लाख कैश घूस लेते निगरानी ने 10 साल पहले किया था गिरफ्तार

Bihar Election : पटना के एएन कॉलेज वज्रगृह में कड़ी सुरक्षा के बीच ईवीएम सुरक्षित, 14 नवंबर को होगी मतगणना; प्रत्याशी भी कर सकेंगे निगरानी

पटना जिले की 14 विधानसभा क्षेत्रों की सभी ईवीएम एएन कॉलेज के वज्रगृह में कड़ी सुरक्षा में रखी गई हैं। सीसीटीवी निगरानी और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती से मतगणना की निष्पक्षता सुनिश्चित की जा रही है।

Bihar Election : पटना के एएन कॉलेज वज्रगृह में कड़ी सुरक्षा के बीच ईवीएम सुरक्षित, 14 नवंबर को होगी मतगणना;  प्रत्याशी भी कर सकेंगे निगरानी
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar Election : पटना जिले की सभी 14 विधानसभा क्षेत्रों के ईवीएम मशीनों को बोरिंग रोड स्थित एएन कॉलेज के वज्रगृह में सुरक्षित रखा गया है। जिले में मतदान संपन्न होने के बाद गुरुवार की आधी रात तक सभी 5677 ईवीएम मशीनें केंद्रीय सुरक्षा बलों, पुलिस, निर्वाची पदाधिकारियों और प्रत्याशियों या उनके प्रतिनिधियों की निगरानी में यहां पहुंचाई गईं। पूरी प्रक्रिया को निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत पीठासीन पदाधिकारियों ने पूरा किया।


14 नवंबर को होने वाली मतगणना की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा की अभूतपूर्व व्यवस्था की है। वज्रगृह के भीतर और बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग नियंत्रण कक्ष से चौबीसों घंटे की जा रही है। डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम और एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि वज्रगृह के चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई है ताकि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश न हो सके। हर व्यक्ति की पहचान पत्र की जांच के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।


वज्रगृह के अंदर केंद्रीय सशस्त्र सुरक्षा बल के जवान अत्याधुनिक हथियारों के साथ तैनात हैं, जबकि बाहर की सुरक्षा का जिम्मा राज्य पुलिस के पास है। निष्पक्षता के लिए प्रत्याशियों या उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को संबंधित विधानसभा क्षेत्र के काउंटर के सामने बैठने की व्यवस्था की गई है। उन्हें सात दिन तक, 24 घंटे ईवीएम की निगरानी करने की सुविधा दी गई है। उनके लिए भोजन, पेयजल, शौचालय और विश्राम की व्यवस्था भी की गई है ताकि वे किसी भी समय मशीनों की सुरक्षा पर नजर रख सकें।


डीएम ने बताया कि सभी पोल्ड ईवीएम संबंधित विधानसभा क्षेत्रों से एस्कॉर्ट दल की मौजूदगी में वज्रगृह तक लाई गई हैं। मतगणना शुरू होने से पहले सभी सीसीटीवी फुटेज का मिलान किया जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार की शंका की गुंजाइश न रहे।


पूरे वज्रगृह परिसर में कड़ी निगरानी रखी जा रही है। हर मशीन की गतिविधि कैमरे की निगाह में रहे, इसके लिए चौबीसों घंटे रिकॉर्डिंग की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा बल और अधिकारी लगातार स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं। प्रत्याशियों को भी इस बात की जानकारी दी गई है कि मतगणना के दिन किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।


उधर, मतदान के दिन जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों — कुम्हरार, पटना साहिब, दीघा, बांकीपुर, फुलवारी, फतुहा, मसौढ़ी, मनेर, बिक्रम, बख्तियारपुर, दानापुर, मोकामा, बाढ़ और पालीगंज — में पूरे दिन चुनावी गहमागहमी रही। मतदान समाप्त होने के बाद 149 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई। चुनाव के दौरान प्रत्याशी और उनके समर्थक लगातार अपने पोलिंग एजेंटों से संपर्क में रहे। मोबाइल और वॉकी-टॉकी के जरिए वे पल-पल की जानकारी लेते रहे — कहां वोटिंग तेज है, कहां धीमी।


कई प्रत्याशी खुद वाहनों से बूथों का जायजा लेने पहुंचे, जबकि कुछ ने अपने प्रतिनिधियों को भेजा। शाम होते-होते उम्मीदवारों के घरों और पार्टी कार्यालयों में परिणाम को लेकर मंथन शुरू हो गया। समर्थक संभावित वोट प्रतिशत और बूथवार समीकरणों पर चर्चा करने लगे। अब जिलेभर की नजरें 14 नवंबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। जिला प्रशासन का दावा है कि काउंटिंग की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष माहौल में संपन्न कराई जाएगी। सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं ताकि जनता के मत का सम्मान और लोकतंत्र की विश्वसनीयता बनी रहे।

संबंधित खबरें