1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 31 Oct 2025 03:48:20 PM IST
- फ़ोटो
Mokama murder case : बिहार की राजनीति इन दिनों मोकामा में हुए मर्डर केस को लेकर सुलग रही है। राजधानी पटना से सटे मोकामा में गुरुवार (30 अक्टूबर 2025) को 75 वर्षीय दुलारचंद यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि यह घटना टाल क्षेत्र में उस समय हुई जब जेडीयू प्रत्याशी और बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह के काफिले का सामना आरजेडी समर्थकों से हो गया। इस दौरान चुनावी रंजिश में गोली चली और दुलारचंद यादव की मौके पर ही मौत हो गई। इस वारदात के बाद मोकामा में सियासी पारा चढ़ गया है और एक बार फिर अनंत सिंह विवादों के केंद्र में आ गए हैं।
कैसे हुई वारदात
मृतक के पोते नीरज कुमार इस पूरे हत्याकांड के चश्मदीद गवाह हैं। नीरज ने बताया कि वे अपने दादा दुलारचंद यादव के साथ चुनावी प्रचार में निकले थे। “हम लोग आरजेडी के प्रचार में जा रहे थे और कुछ लोग जन सुराज पार्टी के लिए निकले थे। जन सुराज के लोग दूसरे रास्ते चले गए जबकि हम उसी रास्ते से जा रहे थे जहां से अनंत सिंह का काफिला आ रहा था,” नीरज ने कहा।
नीरज के मुताबिक, “अनंत सिंह पूरी तैयारी के साथ आए थे। उन्होंने फिल्मी अंदाज में हमारी गाड़ी रुकवाई। उनके साथ दो लोग थे कर्मवीर और राजवीर जिन्हें हम अच्छी तरह जानते हैं। ये दोनों पहले मेरे दादा के शिष्य रह चुके हैं। यह अनंत सिंह के अपने भतीजे हैं। इसके बाद अनंत सिंह खुद पीछे की गाड़ी से उतरे और गोली चलाई गई। गोली दादा जी के पैर में लगी, वे गिर गए। उन्होंने कहा ‘भाग पोता भाग’, और मैं भाग गया।” नीरज का आरोप है कि गोली लगने के बाद कर्मवीर और राजवीर ने दुलारचंद यादव को पीटना शुरू कर दिया और उन पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। इसके कुछ ही देर बाद दुलारचंद यादव की मौत हो गई।
दोनों पक्षों ने कराई एफआईआर दर्ज
इस वारदात के बाद मोकामा में तनाव फैल गया। इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। भदौर थाना में दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार के बयान पर अनंत सिंह, कर्मवीर और राजवीर सहित कई अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
वहीं दूसरी ओर, अनंत सिंह ने भी पलटवार करते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। उनकी ओर से जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थकों पर हमला करने का आरोप लगाया गया है। इस एफआईआर में लखन महतो, बाजो महतो समेत पांच लोगों का नाम शामिल किया गया है।
राजनीतिक बयानबाज़ी तेज
घटना के बाद मोकामा की राजनीति में भूचाल आ गया है। आरजेडी उम्मीदवार वीणा देवी ने कहा, “दुलारचंद यादव का बड़ा बेटा मेरे साथ है। परिवार से हमारा पुराना रिश्ता है। जैसे ही हमें इस घटना की जानकारी मिली, हमने अपना सारा कार्यक्रम रोक दिया और घर लौट आए। हम मांग करते हैं कि इस पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच हो और जांच कैमरे पर की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।”
वहीं, जन सुराज पार्टी के नेताओं का कहना है कि यह हमला सुनियोजित था और मोकामा में जनता को डराने की कोशिश की जा रही है। जन सुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी ने कहा कि “जो लोग सत्ता के सहारे अपराध को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें जनता जवाब देगी।” जेडीयू कैंप की ओर से दावा किया जा रहा है कि अनंत सिंह पर लगाए गए आरोप झूठे हैं और उनके विरोधियों ने चुनावी फायदा उठाने के लिए यह साजिश रची है।
मोकामा में बढ़ा तनाव, प्रशासन अलर्ट
हत्या की खबर फैलते ही मोकामा और आसपास के इलाकों में तनाव बढ़ गया। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर दिया है और धारा 144 लागू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल मोकामा की सियासत दुलारचंद यादव की हत्या के इर्द-गिर्द घूम रही है। यह हत्या न केवल चुनावी समीकरणों को बदल सकती है बल्कि बिहार की राजनीति में बाहुबलियों की भूमिका को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ चुकी है। मोकामा की जनता जहां डर और गुस्से में है, वहीं सभी राजनीतिक दल इस घटना को अपने-अपने पक्ष में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं।
चुनाव से ठीक एक सप्ताह पहले हुई इस वारदात ने पूरे बिहार के राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। अब देखना यह होगा कि जांच में सच्चाई क्या निकलती है और मोकामा की जनता इस हत्या पर क्या फैसला सुनाती है।